गुवाहाटी:
केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने गुरुवार को कहा कि ग्रामीण विकास कार्यों में हुए खर्चों का लेखा जोखा अगले हफ्ते से कैग के दायरे में आ जाएगा क्योंकि लोगों को जानने का हक है कि राशि को कैसे खर्च किया जा रहा है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा, यह बेहद जरूरी है क्योंकि पूरे देश भर में सरकार ग्रामीण विकास के लिए हजारों करोड़ खर्च करती है। लोगों को जानने का हक है, इसलिए खर्च की ऑडिट कैग द्वारा होनी चाहिए। रमेश ने कहा, इस बारे में अगले हफ्ते घोषणा की जाएगी। उन्होंने बताया कि नियंत्रक महालेखा परीक्षक (कैग) के साथ उनकी तीन दौर की वार्ता हो चुकी है। ग्रामीण कोषों की ऑडिट के लिए विशेष महालेखाकारों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। रमेश ने कहा कि कैग 11 राज्यों में नरेगा योजना के कामकाज का भी लेखाजोखा सामने लाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ग्रामीण विकास से जुड़े कोषों के खर्च में मैं पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करूंगा।