सरकार गठन के 2 महीने बाद पुडुचेरी मंत्रिमंडल का विस्तार, 5 नए मंत्रियों ने ली शपथ, बना रिकॉर्ड

केंद्र शासित प्रदेश में 41 साल के अंतराल के बाद किसी महिला ने मंत्री पद की शपथ ली है. प्रियंगा के पहले दिवंगत कांग्रेस नेता रेणुका अप्पादुरई वर्ष 1980-83 तक पुडुचेरी में महिला मंत्री थी. अप्पादुरई को एमडीआर रामचंद्रन की द्रमुक नीत गठबंधन सरकार में शिक्षा मंत्री बनाया गया था.

सरकार गठन के 2 महीने बाद पुडुचेरी मंत्रिमंडल का विस्तार, 5 नए मंत्रियों ने ली शपथ, बना रिकॉर्ड

उप राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन ने राजनिवास के सामने पांचों मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई.

पुडुचेरी:

पुडुचेरी में रविवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) मंत्रिमंडल में पांच मंत्री शामिल किए गए. मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी के शपथ ग्रहण करने के करीब दो महीने बाद नए मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया गया है. उप राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन ने राजनिवास के सामने पांचों मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई.

शपथ लेने वाले मंत्रियों में ए. नमशिवायम, के. लक्ष्मीनारायणन, सी. डीज्याकुमार, चंद्रिका प्रियंगा और ए के साई जे सरवन कुमार शामिल हैं. सभी ने ईश्वर को साक्षी मानकर शपथ ग्रहण की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री रंगास्वामी एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे. हालांकि, मंत्रियों के विभागों की अबतक घोषणा नहीं की गई है.

लक्ष्मीनारायणन, डीज्याकुमार और प्रियंगा एआईएनआरसी के नेता हैं, जबकि नमशिवायम और श्रवण कुमार भाजपा नेता हैं. केंद्र शासित प्रदेश में पहली बार भगवा पार्टी मंत्रिमंडल में शामिल हुई है. एआईएनआरसी विधायक चंद्रिका प्रियंगा ने मंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही पुडुचेरी में इतिहास रच दिया है.

केंद्र शासित प्रदेश में 41 साल के अंतराल के बाद किसी महिला ने मंत्री पद की शपथ ली है. प्रियंगा के पहले दिवंगत कांग्रेस नेता रेणुका अप्पादुरई वर्ष 1980-83 तक पुडुचेरी में महिला मंत्री थी. अप्पादुरई को एमडीआर रामचंद्रन की द्रमुक नीत गठबंधन सरकार में शिक्षा मंत्री बनाया गया था.

गौरतलब है कि महीनों से पुडुचेरी के मंत्रिमंडल को लेकर बने संशय को खत्म करते हुए मुख्यमंत्री एन रंगासामी ने 23 जून को उपराज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन को मंत्रियों की सूची सौंपी थी जिसे बाद में राष्ट्रपति ने मंजूरी दी. पुडुचेरी विधानसभा के लिए छह अप्रैल को हुए चुनाव में एआईएनआरसी नीत राजग ने बहुमत हासिल किया था लेकिन मंत्रिमंडल गठन में पेंच फंस गया था क्योंकि भगवा पार्टी ने शुरुआत में उप मुख्यमंत्री पद की मांग की थी लेकिन बाद में विधानसभा अध्यक्ष पद पर समझौता हुआ.

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चुनाव के नतीजे आने के बाद एआईएनआरसी संस्थापक रांगासामी ने सात मई को अकेले मुख्यमंत्री पद की थी शपथ ली थी. विधानसभा चुनाव में एआईएनआरसी को 10 सीटों पर जीत मिली थी जबकि भाजपा ने छह सीटें जीती थीं. भाजपा के पाले में तीन नामांकित सदस्य भी हैं. पुडुचेरी विधानसभा में तीन नामांकित सदस्यों सहित कुल 33 सदस्य हैं.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)