बढ़ते कोरोना को लेकर कंट्रोल रूम बनाएं, एंबुलेंस और बेड का करें इंतजाम; केंद्र का राज्यों को निर्देश

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव आरती आहूजा ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में रेखांकित किया कि इन नियंत्रण कक्षों में कोविड परीक्षण केंद्रों और एम्बुलेंस की उपलब्धता पर वास्तविक डेटा होना चाहिए

बढ़ते कोरोना को लेकर कंट्रोल रूम बनाएं, एंबुलेंस और बेड का करें इंतजाम; केंद्र का राज्यों को निर्देश

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव आरती आहूजा ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखा है.

नई दिल्ली:

केंद्र ने राज्यों (States) और केंद्रशासित प्रदेशों से गुरुवार को कहा कि जिला तथा उप-जिला स्तर पर स्थापित कोविड कंट्रोल रूम (Covid Control Room) को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में होम आइसोलेशन (home isolation) में रहने वाले सभी मरीजों की दैनिक स्थिति रिपोर्ट का मिलान करना चाहिए और फिर यह रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जानी चाहिए. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव आरती आहूजा ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में रेखांकित किया कि इन नियंत्रण कक्षों में कोविड परीक्षण केंद्रों और एम्बुलेंस की उपलब्धता पर वास्तविक डेटा होना चाहिए, और इन्हें प्रक्रिया का लाभ उठाने के लिए कॉल करने वाले व्यक्ति का मार्गदर्शन करने में सक्षम होना चाहिए.

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उन्होंने पत्र में कहा कि मरीजों को लाने-ले जाने के लिए प्रत्येक नियंत्रण कक्ष को विशेष एम्बुलेंस आवंटित की जाएंगी. कोरोना वायरस (Coronavirus) स्थिति के निर्बाध प्रशासनिक प्रबंधन के संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव द्वारा एक जनवरी को लिखे गए पत्र का उल्लेख करते हुए आहूजा ने कहा कि यह उम्मीद है कि सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जिला और उप-जिला स्तर पर नियंत्रण कक्षों की पुन: स्थापना के लिए लक्षित कार्रवाई की जाएगी.

मंत्रालय द्वारा होम आइसोलेशन पर जारी किए गए नवीनतम गाइडलाइंस के आधार पर आहूजा ने कहा कि इन नियंत्रण कक्षों में अन्य संबंधित कर्मचारियों के साथ डॉक्टरों, परामर्शदाताओं और स्वयंसेवकों के साथ पर्याप्त स्टाफ होना चाहिए और इन्हें निर्दिष्ट आबादी को कवर करने के लिए पर्याप्त फोन लाइनों से लैस होना चाहिए. आहूजा ने कहा कि नियंत्रण कक्षों को निर्बाध कनेक्टिविटी के लिए कंप्यूटर और ब्रॉडबैंड के संदर्भ में सक्षम बुनियादी ढांचा प्रदान किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मामलों की संख्या के आधार पर नियंत्रण कक्ष चौबीस घंटे काम करते रहेंगे ताकि रोगियों को वैध मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की जा सके.

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उन्होंने कहा, ‘‘नियंत्रण कक्षों में कोविड परीक्षण केंद्रों, एम्बुलेंस की उपलब्धता पर वास्तविक डेटा होना चाहिए, और इन्हें इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए कॉल करने वाले व्यक्ति का मार्गदर्शन करने में सक्षम होना चाहिए.'' आहूजा ने कहा, 'नियंत्रण कक्षों को निर्दिष्ट स्वास्थ्य सुविधाओं में विभिन्न प्रकार के बिस्तरों की उपलब्धता की निगरानी भी करनी चाहिए और रोगियों / परिचारकों को केवल क्लीनिकल ​​लक्षणों और बिस्तरों की उपलब्धता के आधार पर आवश्यक सेवाओं का लाभ उठाने के लिए परामर्श देना चाहिए. नियंत्रण कक्षों द्वारा बिस्तरों के आवंटन के लिए स्पष्ट और पारदर्शी तंत्र सुनिश्चित किया जाना चाहिए.'

उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम  होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को उनकी स्थिति की नियमित निगरानी के लिए कॉल करने के लिए भी जिम्मेदार होंगे. अधिकारी ने कहा, 'नियंत्रण कक्षों की मुख्य जिम्मेदारियों में से एक यह भी होगी कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में गृह पृथक-वास में रहने वाले सभी मरीजों की दैनिक स्थिति रिपोर्ट का मिलान करें और इसे जिला प्रशासन को सौंपें.' आहूजा ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव (स्वास्थ्य) को संबोधित पत्र में कहा, 'आपसे अनुरोध है कि कृपया अपने स्तर पर इसकी समीक्षा करें और विभिन्न स्तरों के नियंत्रण कक्षों के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त करें जो हर समय एक-दूसरे के संपर्क में रह सकें और नागरिकों को निर्बाध सेवाएं प्रदान कर सकें.'

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