
एक तरफ किसान आंदोलन चल रहा है तो दूसरी तरह बीजेपी ने बजट का प्रचार करने के लिए देशव्यापी अभियान चलाने का निर्णय किया है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं को देश के सभी राज्यों की राजधानियों और बड़े शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनता के बीच सभाएं करने का निर्देश दिया है. बजट पर कार्यक्रम 6-7 फरवरी और 13-14 फरवरी को चलाया जाएगा. 7 फरवरी को स्मृति ईरानी गुवाहाटी, जितेंद्र सिंह जम्मू और थावरचंद गहलोत इंदौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
इस कार्यक्रम के तहत निर्देश दिए गए हैं कि 13-14 फरवरी को सभी जिला केंद्रों पर सामाजिक बुद्धिजीवी और व्यावसायिक संगठन के संस्थानों के साथ सम्मेलन और उसके उपरांत पत्रकार वार्ता का आयोजन हो, इसमें सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी भाग लेंगे. साथ ही अगले 15 दिनों में विभिन्न प्रकार के सामाजिक व्यावसायिक संस्थानों, लाभार्थी संगठनों द्वारा बजट में किए गए ऐतिहासिक और दूरगामी घोषणाओं पीएम का अभिनंदन प्रस्ताव पारित कर मंत्रियों के प्रवास के दौरान उनको सौपें और उसकी प्रति पीएम को भजें. सभी पत्रकार वार्ता और सम्मेलनों में संबंधित प्रदेश हेतु की गई घोषणाओं तथा उस राज्य से संबंधित केंद्र सरकार की उपलब्धियों का संकलन कर चर्चा करें.
बता दें कि पीएम मोदी ने गुरुवार को चौरी चौरा शताब्दी समारोह का ऑनलाइन माध्यम से उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि साल 2021-22 के आम बजट को देश के सामने खड़ी चुनौतियों के समाधान को नई तेजी देने वाला करार देते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने बजट को वोट बैंक के हिसाब किताब का बहीखाता और कोरी घोषणाओं का माध्यम बना दिया था.
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में देश के सामने जो चुनौतियां सामने आई उनके समाधान को यह बजट नई तेजी देगा. उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि दशकों से हमारे देश में बजट का मतलब बस इतना ही रह गया था कि किसके नाम पर क्या घोषणा कर दी गई. बजट को वोट बैंक के हिसाब किताब का बहीखाता बना दिया गया था." मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों ने बजट को ऐसी घोषणाओं का माध्यम बना दिया था जो वह पूरी ही नहीं कर पाती थीं. मगर अब देश ने यह सोच बदल दी है, एप्रोच बदल दी है. प्रधानमंत्री ने किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर हमारा किसान और सशक्त होगा तो कृषि क्षेत्र में हो रही प्रगति और तेज होगी इसके लिए बजट में कई कदम उठाए गए हैं. मंडियां किसानों के फायदे का बाजार बने, इसके लिए 1000 और मंडियों को ई-नाम से जोड़ा जाएगा. (इनपुट्स भाषा से भी)
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