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This Article is From Jun 02, 2020

भीमा कोरेगांव मामला: SC ने गौतम नवलखा को भेजा नोटिस, मुंबई जेल शिफ्ट करने पर उठे थे सवाल

भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी एक्टिविस्ट गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. उन्हें दिल्ली से मुंबई जेल शिफ्ट कर दिया गया है. दो हफ्ते बाद मामले में अगली सुनवाई होगी.

भीमा कोरेगांव मामला: SC ने गौतम नवलखा को भेजा नोटिस, मुंबई जेल शिफ्ट करने पर उठे थे सवाल
नवलखा को मुंबई जेल शिफ्ट करने पर दिल्ली HC ने सवाल उठाए थे. (फाइल फोटो)
  • 26 मई को नवलखा को मुंबई जेल शिफ्ट कर दिया गया था
  • NIA के कदम पर दिल्ली HC ने उठाए थे सवाल
  • अब सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा है
नई दिल्ली:

भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी 67 साल के एक्टिविस्ट गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. उन्हें दिल्ली से मुंबई जेल शिफ्ट कर दिया गया है. दो हफ्ते बाद मामले में अगली सुनवाई होगी. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigative Agency- NIA) ने दिल्ली हाईकोर्ट के 27 मई के आदेश के खिलाफ अपील दायर की है जिसमें कोर्ट ने दिल्ली और मुंबई में NIA स्पेशल कोर्ट के सामने चल रही उस कार्यवाही का रिकॉर्ड मांगा था, जिसके आधार पर गौतम नवलखा को दिल्ली से मुंबई ट्रांसफर कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट में NIA की ओर से सॉलिटिर जनरल तुषार मेहता ने मंगलवार को कहा कि वो दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ हैं. उन्होंने केस और हाईकोर्ट की टिप्पणी को उसके क्षेत्राधिकार से बाहर बताया. 

दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा था?
दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस अनूप जे भंबानी की पीठ ने NIA को निर्देश दिया था कि वह नवलखा की जमानत याचिका से संबंधित मामले में कार्यवाही की पूरी प्रति पेश करे. बेंच ने कहा था कि NIA ने भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा को दिल्ली से मुंबई ले जाने में बेवजह जल्दबाजी की. इस आदेश में कहा गया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने तिहाड़ जेल में बंद नवलखा को मुंबई ले जाने में अनुचित तरीके से काम किया, जहां जांच लंबित है जबकि दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई लंबित है.

बता दें कि नवलखा को 26 मई को ट्रेन से मुंबई ले जाया गया था. कोर्ट ने 22 मई को नवलखा की याचिका पर NIA से जवाब मांगा था, जिन्होंने कहा था कि वह तिहाड़ जेल में उस समय बंद हैं जब पूरे देश में कोरोनावायरस का खतरा अपने चरम पर है. - दलील में कहा गया था कि उनकी उम्र की वजह से उनके संक्रमित होने का खतरा अधिक है, खास तौर पर जेल जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों में.

22 जून तक न्यायिक हिरासत में हैं नवलखा
इससे पहले, मुंबई की स्पेशल NIA कोर्ट ने एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में गिरफ्तार मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा को 22 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. नवलखा ने दिल्ली में NIA के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था.

नवलखा और कई अन्य मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर कथित रूप से माओवादी लिंक और सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश रचने के लिए गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के कड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुणे पुलिस ने नवलखा पर 31 दिसंबर, 2017 को एल्गार परिषद में दिए भड़काऊ भाषण से अगले दिन जिले के भीमा-कोरेगांव में जातिगत हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था.

भीमा कोरेगांव की SIT जांच- एनसीपी

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Bhima Koregoan Case, Supreme Court, Gautam Navlakha
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