मॉनसून सत्र में प्रश्नकाल निलंबित करने पर ओवैसी ने उठाए सवाल, कहा- फैसला अकेले कैसे कर लिया?

लोकसभा सांसद असदुद्दीन औवैसी ने मॉनसून सत्र से प्रश्नकाल को हटाने के फैसले को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने बुधवार को एक साथ कई सारे ट्वीट किए और सवाल उठाया कि आखिर प्रश्नकाल हटाए जाने का फैसला केंद्र ने अकेले कैसे कर लिया?

मॉनसून सत्र में प्रश्नकाल निलंबित करने पर ओवैसी ने उठाए सवाल, कहा- फैसला अकेले कैसे कर लिया?

मॉनसून सत्र में प्रश्नकाल निलंबित किए जाने पर औवैसी ने जताई आपत्ति. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

लोकसभा सांसद असदुद्दीन औवैसी (Asaduddin Owaisi) ने मॉनसून सत्र से प्रश्नकाल को निलंबित करने (No Question Hourin Monsoon Session) के फैसले को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने बुधवार को एक साथ कई सारे ट्वीट किए और सवाल उठाया कि आखिर प्रश्नकाल हटाए जाने का फैसला केंद्र ने अकेले कैसे कर लिया? उन्होंने इसके साथ ही प्रश्नकाल कराए जाने को लेकर सुझाव भी रखे. उन्होंने अपने ट्वीट में लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला को ट्वीट करते हुए लिखा, 'सम्माननीय लोकसभा स्पीकर, अधिकारों का विभाजन संविधान की मूलभूत संरचना का हिस्सा है. संसद के पास सरकार की शक्तियों और कर्तव्यों पर सवाल उठाने का अधिकार है. हमें सवाल पूछने और सरकार की जवाबदेही तय करने के लिए चुना गया है. एक ऐसा सत्र रखना जिसमें बस सरकार अपना काम-काज करेगी, हमे ऐसा करने से रोकता है.'

यह भी पढ़ें: संसद के सत्र में क्यों नहीं होगा प्रश्नकाल, सरकार ने बताई वजह

उन्होंने कहा कि 'सवालों के लिए 15 दिनों का नोटिस देने की अनिवार्यता है और मैं आग्रह करता हूं कि सांसदों के सवाल आज से लेने शुरू किए जाएं ताकि तय वक्त के पहले सदन में सवाल लिए जा सकें. और यह भी आपके (लोकसभा स्पीकर) के विवेक पर निर्भर करता है अगर आप लोकसभा की प्रक्रिया के नियम संख्या 33 के तहत नोटिस पीरियड की अवधि घटाना चाहें.' उन्होंने यह भी कहा कि सत्र के दौरान एक दिन बस प्रश्नों के लिए भी रखा जा सकता है.'

ओवैसी ने इस फैसले पर सरकार के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि '1962 के भारत-चीन युद्ध जैसे वक्त में भी प्रश्नकाल को ऑल पार्टी मीटिंग में लिए गए फैसले के बाद ही निलंबित किया गया था. लेकिन इस मामले में सरकार ने कोई मीटिंग नहीं रखी थी. जब स्टैंडिंग समितियों की बैठकें हो रही हैं, और यहां तक कि देश में JEE-NEET की परीक्षाएं तक कराई जा रही हैं तो संसद के पहले एक ऑल पार्टी मीट क्यों नहीं बुलाई गई?'

यह भी पढ़ें: लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी बोले- प्रश्नकाल, शून्यकाल होना चाहिए, किए जाएं इंतजाम

बता दें कि संसद का मॉनसून सत्र 14 सितंबर से शुरू होने जा रहा है. कोरोना वायरस को देखते हुए लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही में कुछ बदलाव किए गए हैं, बदलावों के अनुसार मानसून सत्र (Monsoon Session) में प्रश्नकाल नहीं होगा लेकिन शून्य काल रहेगा.

Video: 14 सितंबर से शुरू होने वाले मॉनसून सत्र में प्रश्नकाल नहीं


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com