1974 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए, 1975 में आपातकाल के दौरान हिरासत में रहे
1977 में एबीवीपी के ऑल इंडिया सेक्रेटरी और दिल्ली एबीवीपी के अध्यक्ष नियुक्त, इसके बाद जेटली ने वकालत शुरू की
1980 में अरुण जेटली बीजेपी के सदस्य बने
1982 में जेटली की शादी संगीता से हुई और 1983 में उनके घर बेटी का जन्म हुआ. उनकी बेटी भी वकील हैं. 1989 में अरुण जेटली के बेटे का जन्म हुआ. उनका नाम रोहन जेटली है.
1990 में उन्हें भारत का अडिशनल सालिसिटर जनरल बनाया गया और बोफोर्स मामला सौंपा गया. 1991 में अरुण जेटली बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बने
1998 में जेटली को यूएन महासभा के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया गया. 1999 में वाजपेयी सरकार में जेटली को सूचना एवं प्रसारण मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया.
2000 में कानून, न्याय और कंपनी मामलों के कैबिनेट मंत्री बने अरुण जेटली, इसके अलावा उन्हें राज्यसभा सांसद भी बनाया गया. 2006 में जेटली दोबारा राज्यसभा के लिए चुने गए
2009 में जेटली ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर जिम्मेदारी संभाली और वकालत बंद कर दी. 2012 में जेटली को तीसरी बार राज्यसभा के लिए चुना गया.
2014 में जेटली को मोदी सरकार में वित्त, कॉरपोरेट अफेयर्स और रक्षा मंत्री बनाया गया.
2018 में जेटली का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ. 24 अगस्त 2019 को अरुण जेटली का दिल्ली के एम्स में निधन हो गया.
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