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This Article is From Aug 24, 2019

राहुल गांधी समेत विपक्ष के 12 नेता पहुंच रहे हैं जम्मू-कश्मीर, प्रशासन ने आने से किया मना

इस बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन का बयान आया है जिसमें कहा गया है कि विपक्षी नेता कश्मीर न आएं और सहयोग करें. प्रशासन ने ट्वीट किया है कि नेताओं के दौरे से असुविधा होगी.

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राहुल गांधी समेत विपक्ष के 12 नेता पहुंच रहे हैं जम्मू-कश्मीर, प्रशासन ने आने से किया मना
  • अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार पहुंचेंगे नेता
  • राहुल गांधी के साथ हैं विपक्ष के 11 नेता
  • प्रशासन ने आने से किया मना
नई दिल्ली:

अनुच्छेद 370  हटने के बाद पहली बार राहुल गांधी और विपक्ष के 11 नेता आज जम्मू-कश्मीर के दौरे पर जाएंगे. राहुल के साथ कांग्रेस के ग़ुलाम नबी आज़ाद, केसी वेणुगोपाल, आनंद शर्मा, लेफ़्ट के सीताराम येचुरी, डी राजा,  डीएमके के तिरुची शिवा, टीएमसी के दिनेश त्रिवेदी, एनसीपी के माजिद मेमन, आरजेडी के मनोज झा और जेडीएस के उपेंद्र रेड्डी भी होंगे. इनके अलावा शरद यादव भी कश्मीर जाने वाले नेताओं में शामिल हैं. अनुच्छेद 370 ख़त्म होने के बाद राहुल ने ट्वीट कर जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर सवाल उठाए थे.  राहुल गांधी ने ट्वीट किया था कि कश्मीर के विभिन्न हिस्सों से हिंसा की खबरें आ रही हैं. प्रधानमंत्री को शांति और निष्पक्षता के साथ मामले को देखना चाहिए. इस पर सत्यपाल मलिक ने कहा था, 'मैं राहुल गांधी जी को कश्मीर आने का निमंत्रण देता हूं. मैं उनके लिए एयरक्राफ्ट का भी इंतजाम करूंगा ताकि वह यहां आकर जमीनी हकीकत देख सकें.'  इसके बाद राहुल गांधी ने भी ट्वीट करके आमंत्रण को स्वीकार किया था. उन्होंने ट्वीट किया था, 'प्रिय मलिक जी, मैं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख आने के आपके न्योते को स्वीकार करता हूं. हमें एयरक्राफ्ट की जरूरत नहीं है बस वहां के नेताओं और जवानों से मिलने दिया जाए.' 

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वहीं  कुछ दिन पहले ही गुलाम नबी आज़ाद भी श्रीनगर गए थे लेकिन उन्हें एयरपोर्ट से ही वापस भेज दिया गया था.  इस बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन का बयान आया है जिसमें कहा गया है कि विपक्षी नेता कश्मीर न आएं और सहयोग करें. प्रशासन ने ट्वीट किया है कि नेताओं के दौरे से असुविधा होगी. प्रशासन का कहना है कि  नेता उन प्रतिबंधों का भी उल्लंघन कर रहे होंगे जो अभी तक कई क्षेत्रों में लगे हैं. नेताओं को समझना चाहिए कि शांति व्यवस्था बनाए रखने और नुक़सान रोकने को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी जाएगी. 

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Article 370, Jammu Kashmir
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