New Delhi:
मजबूत लोकपाल की मांग कर रहे अन्ना हजारे ने आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक चिट्ठी लिखी है। अपनी चिट्ठी में अन्ना ने अप्रैल महीने से ही लोकपाल बिल के मुद्दे पर सरकार पर धोखा देने का आरोप लगाया है। अन्ना ने लिखा है कि सरकार जनता को बार-बार सशक्त बिल लाने की बात कहती रही, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ। अन्ना ने लिखा है कि 13 दिसंबर को कैबिनेट ने सिटीजन चार्टर कानून पारित कर दिया, जबकि पीएम ने खुद पत्र लिखकर मुझे आश्वासन दिया था कि ऐसा नहीं होगा। साथ ही अन्ना ने इस बात पर संदेह जताया है कि 23 दिसंबर तक चलने वाले शीतकालीन सत्र में लोकपाल बिल पास हो पाएगा। अखबार में छपी खबरों का हवाला देते हुए अन्ना ने लिखा है कि अभी तक सभी पार्टियों ने सीबीआई का गलत इस्तेमाल किया है, इसलिए ऐसा लगता है कि सरकार किसी भी हालत में सीबीआई से अपना शिकंजा नहीं छोड़ना चाहती। अन्ना ने प्रधानमंत्री से पूछा है कि क्या लोकपाल की अपनी जांच एजेंसी नहीं होगी और बिना जांच एजेंसी के लोकपाल क्या करेगा। इससे तो अच्छा है कि आप लोकपाल न ही बनाएं। अन्ना ने लोकपाल के चयन पर दिए गए स्थायी समिति के सुझाव को दूषित बताया है।
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अन्ना हजारे, लोकपाल बिल, प्रधानमंत्री