ऑक्सीजन संकट को लेकर मोदी सरकार पर बरसे माकन, पूछा- जब जरूरत थी तो एक्सपोर्ट क्यों किया

कोरोना संक्रमण के दौरान उपजी ऑक्सीजन की कमी की समस्या ने सरकार को विपक्ष के निशाने पर ला दिया है. ऑक्सीजन की कमी को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए जोरदार प्रहार किया है.

ऑक्सीजन संकट को लेकर मोदी सरकार पर बरसे माकन, पूछा- जब जरूरत थी तो एक्सपोर्ट क्यों किया

पीएम मोदी का कल का भाषण पूरी तरह से दिशाहीन था: अजय माकन (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

कोरोना संक्रमण के दौरान उपजी ऑक्सीजन की कमी की समस्या ने सरकार को विपक्ष के निशाने पर ला दिया है. ऑक्सीजन की कमी को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए जोरदार प्रहार किया है. कांग्रेस नेता अजय माकन ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि पीएम मोदी का कल का भाषण पूरी तरह से दिशाहीन था. उन्होंने कहा कि जब देश में आक्सीजन की ज़रुरत थी तो आक्सीजन एक्सपोर्ट क्यों किया जा रहा था. ये प्राकृतिक आपदा नहीं, सरकार की विफलता है. कांग्रेस ने सवाल किए कि पंद्रह महीने थे पास में पर कोई रणनीति नहीं बनाई. अजय माकन ने कहा कि मोदी सरकार महामारी के इस दौर में चुनाव में व्यस्त रही. उन्होंने तंजात्माक लहजे में कहा कि अब सरकार से विनती है कि इलेक्शन वगैरह निपट गया अब तो जाग जाएं. 


इसके अलावा कांग्रेस ने वैक्सीन के दामों के ऐलान पर भी सवाल उठाए. कांग्रेस के अनुसार राज्यों के लिए वैक्सीन की क़ीमत बढ़ा कर सरकार राज्यों पर वित्तीय बोझ डाल रही है. राज्य कहां से पैसे लाएंगे. एक तारीख़ के बाद वैक्सीन को लेकर अराजकता का माहौल बन जाएगा. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हम वैक्सीन को लेकर एक देश एक दाम की व्यवस्था हो. साथ ही कांग्रेस ने ग़रीब मज़दूरों कामगारों के लिए छ हज़ार प्रतिमाह देने की भी अपील की है. 

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बता दें कि समूचे भारत को चपेट में ले चुकी कोरोनावायरस की दूसरी लहर, जिसमें COVID-19 मरीज़ों में सांस लेने में तकलीफ और ऑक्सीजन की मांग बढ़ रहे हैं, के दौरान देश से ऑक्सीजन का निर्यात दोगुना रहा है. यह जानकारी सरकारी आंकड़ों से ही मिली है. अप्रैल, 2020 और जनवरी, 2021 के बीच भारत ने 9,000 मीट्रिक टन से ज़्यादा ऑक्सीजन का निर्यात किया है. वित्तवर्ष 2020 के दौरान देश से सिर्फ 4,500 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का निर्यात किया गया था, लेकिन उसके बाद से यह बिना किसी स्पष्ट वजह के दोगुना हो चुका है.