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This Article is From May 17, 2017

क्या दिल्ली में पानी की समस्या के लिए सिर्फ हरियाणा है जिम्मेदार, पढ़ें क्या है मामला

आप के विधायक आरोप है कि सरकार पानी देने में भेदभाव कर रही है. सबसे कम पानी उत्तरी दिल्ली को दिया जा रहा है.

क्या दिल्ली में पानी की समस्या के लिए सिर्फ हरियाणा है जिम्मेदार, पढ़ें क्या है मामला
दिल्ली में पानी की समस्या
नई दिल्ली: दिल्ली के तीमारपुर से 'आप' के विधायक पंकज पुष्कर ने वजीराबाद वाटर वर्क्स के सामने धरना देने के साथ 'आप' के खिलाफ कुछ तस्वीरों के साथ प्रेस कांफ्रेंस की. उनका आरोप है कि सरकार पानी देने में भेदभाव कर रही है. सबसे कम पानी उत्तरी दिल्ली को दिया जा रहा है, उनके साथ प्रीरेक किया है. पानी की समस्या के लिए सिर्फ हरियाणा ज़िम्मेदार नहीं है. जल बोर्ड सबसे बड़ा दोषी है. कपिल के जाने के बाद मनीष सिसोदिया के पास जल विभाग है. मंगलवार को जल बोर्ड के अंदर जाकर चीफ इंजीनियर के दफ्तर के बाहर लगे बोर्ड की तस्वीर ली है. तस्वीर में लिखा है कि उत्तरी दिल्ली को सिर्फ 9 MGD(मिलियन गैलन प्रतिदिन) पानी मिल रहा है. जबकि 44 MGD मिलना चाहिए. वहीं दक्षिणी दिल्ली को 36 MGD पानी मिल रहा है और मध्य दिल्ली को 39 MGD. दिल्ली सरकार सुनती नहीं है. समस्या के लिए सिर्फ दूसरों को जिम्मेदार ठहराती है. 

गौरतलब है कि मंगलवार को मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके दिल्ली में हो रही पानी की समस्या के लिए हरियाणा को दोषी ठहराया था. उनका आरोप है कि दिल्ली को प्रतिदिन 900 MGD पानी की आवश्यकता है. हरियाणा से उन्हें लगभग 80 MGD कम पानी मिल रहा है. मनीष ने यह भी कहा था कि अगर पीएमओ (PMO) जल्द दख़ल नहीं देगा तो वे सारे वीआईपी इलाकों का पानी बंद कर देंगे. हरियाणा में बीजेपी की सरकार है. 

वहीं हरियाणा सरकार का कहना है कि दिल्ली को हर महीने 725 क्यूसेक पानी देना होता है, जो कि हरियाणा सरकार दे रही है. पिछले कुछ महीनों से लगभग 25 क्यूसेक अतिरिक्त पानी दिल्ली को दिया जा रहा है, जो कि हरियाणा में पानी की ख़पत बढ़ने से बंद कर दिया गया है.

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