- दिल्ली मेट्रो ने 2025 में कुल 235.8 करोड़ यात्रियों को सेवाएं देकर नए यात्री रिकॉर्ड स्थापित किए हैं
- वर्ष 2025 में दैनिक औसत यात्राएं 64.60 लाख रहीं, जो 2024 के आंकड़ों से अधिक हैं
- दिल्ली-एनसीआर मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई लगभग 416 किलोमीटर और 303 स्टेशन हैं
दिल्ली की लाइफलाइन कहे जानी वाली दिल्ली मेट्रो रोज नए रिकॉर्ड बना रही है. इसी कड़ी में डीएमआरसी ने बताया कि 2025 में कुल 235.8 करोड़ लोगों ने मेट्रो से यात्रा कर नया रिकॉर्ड बनाया है. यह औसतन 64.60 लाख रोजाना यात्राओं के बराबर है. यह आंकड़ा 2024 के 223.5 करोड़ से भी काफी अधिक है. साल 2025 में सबसे बड़ा दैनिक रिकॉर्ड 8 अगस्त को बना था, जब रक्षाबंधन से ठीक पहले 81,87,674 यात्रियों ने दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल किया था. यह अब तक का सर्वाधिक एक दिवसीय आंकड़ा है. इससे पहले 18 नवंबर 2024 को 78,67,649 यात्रियों का रिकॉर्ड था. इस दिन यात्रा की मांग को देखते हुए DMRC ने मेट्रो के फेरे बढ़ा दिए थे.
दिल्ली-एनसीआर मेट्रो नेटवर्क के प्रमुख आंकड़े:
दिल्ली-एनसीआर में कुल लंबाई: लगभग 416 किमी (303 स्टेशन) – इसमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो (29 किमी, 21 स्टेशन) और रैपिड मेट्रो गुरुग्राम (13 किमी, 12 स्टेशन) शामिल हैं।
कुल ट्रेनें: 343 (2,368 कोच)।
रोजाना ट्रेन ट्रिप्स: 4,508, जो प्रतिदिन 1,40,112 ट्रेन किलोमीटर कवर करती हैं. देश स्तर पर भारत का मेट्रो नेटवर्क 2025-26 में 1,143 किमी से अधिक का हो चुका है, जो 26 शहरों में फैला है. यहां रोजाना औसतन 1.15 करोड़ यात्री यात्राएं होती हैं, जिसमें दिल्ली मेट्रो का हिस्सा 55% से ज्यादा है.
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ड्राइवरलेस मेट्रो सेक्शन:
पिंक लाइन: 71.55 किमी (मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर तक)
मैजेंटा लाइन: 49.19 किमी (कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से बॉटनिकल गार्डन और दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक)
इन लाइनों पर कुल 80 ड्राइवरलेस ट्रेनें संचालित हो रही हैं
फेज-IV अपडेट:
प्राथमिक कॉरिडोर निर्माणाधीन हैं.भविष्य के लिए 52 नई ट्रेनें खरीदी जा रही हैं, जिनमें से 18 डिलीवर हो चुकी हैं. कई रिपोर्ट्स के अनुसार, 2026 के अंत तक फेज-IV के कुछ प्रमुख हिस्से (जैसे पिंक लिंक एक्सटेंशन, मैजेंटा लाइन के कुछ सेक्शन) चालू हो सकते हैं, जिससे नेटवर्क में और विस्तार होगा. दिल्ली मेट्रो दिल्ली-एनसीआर में रोजमर्रा की यात्रा का प्रमुख माध्यम बनी हुई है, जो सड़क यातायात के बोझ को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है.
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