
आम आदमी पार्टी (आप) के उस बयान पर कवि कुमार विश्वास ने तीखा तंज कसा है, जिसमें पार्टी ने कहा था कि देश के लिए वह कांग्रेस नामक जहर पीने को तैयार थी, मगर अहंकार के चलते उसके साथ दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में गठजोड़ नहीं करेगी. आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में कांग्रेस के साथ उसका गठबंधन होने की कोई संभावना नहीं है. 'आप' ने कहा कि कांग्रेस देश के बारे में नहीं सोचती है. 'आप' नेता गोपाल राय ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि पार्टी एक समय कांग्रेस से समझौते को तैयार थी क्योंकि देश को बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विरोधी दलों के एकजुट होने की जरूरत है. राय ने कहा, "हम जहर पीने (कांग्रेस से समझौता करने) को तैयार थे. लेकिन, अब हमने फैसला किया है कि 'आप' दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की सभी सीटों पर अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगी और कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी." इस पर कुमार विश्वास ने कुछ लाइनों के जरिए तंज कसा है-
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तुम हो उल्लू ये जताने की ज़रूरत क्या थी ?
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) January 18, 2019
आइना ख़ुद को दिखाने की ज़रूरत क्या थी ?
चोर जो चुप ही लगा जाता तो वो कम पिटता,
बाप का नाम बताने की ज़रूरत क्या थी ?
(हुल्लड मुरादाबादी) https://t.co/dBzY0WpAZQ
उधर, आम आदमी पार्टी नेता गोपाल राय ने स्वीकार किया कि अन्य दलों की तरह 'आप' भी इस बात पर विचार करने लगी थी कि पार्टी के भीतर विरोध के बावजूद वह देश के वास्ते कांग्रेस के साथ समझौता करेगी. उन्होंने कहा, "एक समान विचारों से प्रेरित कई दल कांग्रेस के पक्ष में नहीं होने बावजूद एकजुट हो रहे हैं. हम भी नरेंद्र मोदी और अमित शाह की तानाशाही से देश को बचाने के लिए हाथ मिलाने को तैयार थे." उन्होंने कहा, "लेकिन, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बयान दिया कि 'आप' का पंजाब में कोई महत्व नहीं है और उसी प्रकार दिल्ली कांग्रेस प्रमुख शीला दीक्षित ने कहा कि 'आप' कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी के सामने एक छोटी पार्टी है और उनसे समझौते की कोई जरूरत नहीं होगी, उससे यह स्पष्ट हो गया कि उनके लिए उनका अहंकार देश से ज्यादा महत्व रखता है." राय ने कहा कि 'आप' को कांग्रेस की नीतियों से हमेशा मतभेद रहा है. उन्होंने कहा, " कांग्रेस के भ्रष्टाचार का 'आप' हमेशा विरोध करती रही है और पार्टी ने दिल्ली में शीला दीक्षित की 15 साल की सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया था."
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