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This Article is From Aug 11, 2015

40 लोग, 440 लोगों के अधिकार नहीं मार सकते : कांग्रेस पर भड़कीं लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन

40 लोग, 440 लोगों के अधिकार नहीं मार सकते : कांग्रेस पर भड़कीं लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से ही जारी कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के हंगामे के बीच मंगलवार को आसन की ओर कागज फाड़ कर उछाले गए और अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए कहा कि 40 लोग 440 लोगों के अधिकार नहीं मार सकते हैं। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद तीसरी बार शाम करीब चार बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

राजग सरकार ने आज सदन में कामकाज को आगे बढ़ाते हुए नियम 193 के तहत सतत विकास के लक्ष्यों पर पिछले सप्ताह की अधूरी चर्चा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जिसके बाद सदन में आईपीएल विवाद पर इसी नियम के तहत चर्चा सूचीबद्ध थी। लेकिन कांग्रेसी सदस्यों ने नियम 193 के तहत आईपीएल विवाद पर भाजपा के एक सदस्य के प्रस्ताव पर चर्चा कराए जाने का कड़ा विरोध किया और ललित मोदी और व्यामपं पर उसका पहले से चला आ रहा विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी जोर पकड़ गई।

विपक्ष के विरोध की अनदेखी करते हुए उपाध्यक्ष एम थंबीदुरै ने कामकाज आगे बढ़ाना चाहा, लेकिन कुछ कांग्रेसी सदस्यों ने कागज फाड़ कर उनकी ओर उछाल दिए जिसके चलते उपाध्यक्ष ने कार्यवाही तुरत फुरत स्थगित कर दी।

हंगामे के बीच एक बार तो सदन में यह स्थिति बन गई कि जल संसाधन मंत्री उमा भारती, भाजपा सदस्य जगदम्बिका पाल, किरण खेर तथा कुछ अन्य सदस्य भी कांग्रेसी सदस्यों के व्यवहार के विरोध में आसन के समक्ष आ गए।

सदन में अव्यवस्था बनी रहने के कारण कार्यवाही को अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने करीब चार बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ा।

सदस्यों के व्यवहार से आक्रोशित अध्यक्ष ने कहा, 'जिस प्रकार का व्यवहार आपने (कांग्रेसी सदस्यों) आसन के साथ किया है उससे मैं बेहद दुखी हूं। जिस तरह से उपाध्यक्ष पर कागज फेंके गए वह कदापि माफी योग्य नहीं है। यह कोई तरीका नहीं है। मैं आपको चेतावनी दे रही हूं। कागज फेंकना उचित नहीं है।'

इससे पूर्व आज दिन में कांग्रेस और कुछ अन्य दलों के सदस्यों द्वारा आसन के सामने आकर पोस्टर दिखाने और नारेबाजी जारी रखने पर संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की आसन से मांग की जिस पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि 40 लोग मिलकर 440 से अधिक सदस्यों का हक नहीं मार सकते और ऐसा आचरण लोकतंत्र की हत्या है। स्पीकर ने कहा कि उन्होंने लोकसभा टीवी से कहा है कि वह सदन के हंगामे को टेलीविजन पर दिखाए।

उन्होंने कहा, 'उन्हें टीवी पर दिखाओ। मैं लोकसभा टीवी से अपील करती हूं। यह कोई रास्ता नहीं है। मैं सदन को स्थगित नहीं करूंगी। लेागों को देखने दो कि वे किस प्रकार का व्यवहार कर रहे हैं। पूरे भारत को देखने दो कि 40 लोग 440 सदस्यों के अधिकारों को छीन रहे हैं।'

जब कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी सदस्यों द्वारा पेश कार्य स्थगन प्रस्ताव के नोटिस के बारे में जानना चाहा तो अध्यक्ष ने कहा, 'मैंने उन्हें अस्वीकार कर दिया है।' इससे विपक्षी सदस्यों की ओर से नारेबाजी और तेज हो गई।

तृणमूल कांग्रेस सदस्य सौगत राय और आरएसपी सदस्य एन के प्रेमचंद्रन के समर्थन से खड़गे इस बात पर जोर देते रहे कि कांग्रेस आईपीएल पर चर्चा चाहती है लेकिन मत विभाजन के प्रावधान वाले नियम 56 के तहत। उन्होंने कहा, 'आपके पास बहुमत है, आप चर्चा से क्यों भाग रहे हैं।' कांग्रेस पर सदन की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा , 'सरकार आईपीएल से लेकर बीपीएल किसी भी मसले पर चर्चा को तैयार है लेकिन विपक्ष चर्चा का इच्छुक नहीं है।' इसी हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद तीसरी बार शाम करीब चार बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

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