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This Article is From Jan 23, 2019

आयकर विवरण न भरने वालों को 21 दिन का मौका, न मानने पर चलेगा मुकदमा

ऊंचे मूल्य के लेनदेन करने वाले ऐसे लोग जिन्होंने आकलन वर्ष 2018-19 के लिए अपना आयकर रिटर्न जमा नहीं कराया है, उन्हें रिटर्न जमा कराने या जवाब देने के लिए 21 दिन का समय मिलेगा.

आयकर विवरण न भरने वालों को 21 दिन का मौका, न मानने पर चलेगा मुकदमा
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली:

ऊंचे मूल्य के लेनदेन करने वाले ऐसे लोग जिन्होंने आकलन वर्ष 2018-19 के लिए अपना आयकर रिटर्न जमा नहीं कराया है, उन्हें रिटर्न जमा कराने या जवाब देने के लिए 21 दिन का समय मिलेगा. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने मंगलवार को यह जानकारी दी. आयकर विभाग से रिटर्न दाखिल नहीं करने के बारे में ई-मेल या एसएमएस मिलने के दिन से 21 दिन की अवधि शुरू होगी. ऐसे मामले जिनमें आकलन वर्ष 2018-19 के लिए न तो रिटर्न जमा कराया जाता है और न ही कोई जवाब दिया जाता है, तो विभाग उनके खिलाफ आयकर कानून, 1961 के तहत कार्रवाई करने पर विचार करेगा. 

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सीबीडीटी ने कहा कि आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि कई ऐसे संभावित करदाता हैं जिन्होंने 2017-18 में ऊंचे मूल्य के लेनदेन किए हैं लेकिन आकलन वर्ष 2018-19 के लिए रिटर्न दाखिल नहीं किया है. हालांकि, सीबीडीटी ने ऐसे लोगों की संख्या का खुलासा नहीं किया है. सीबीडीटी ने कहा कि रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों से आग्रह किया जाता है कि वे 21 दिन के भीतर आकलन वर्ष 2018-19 के लिए रिटर्न दाखिल करें या अपना जवाब दें. यदि उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक माना जाता है तो इस मामले को ऑनलाइन ही बंद कर दिया जाएगा. 

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सीबीडीटी ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामले जिनमें न तो रिटर्न दाखिल किया गया है और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिला है उनके खिलाफ आयकर कानून, 1961 के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी.

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