New Delhi:
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कानून बनाने के मसले पर केंद्र सरकार के रवैये को उदासीन करार देते हुए गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने बुधवार को कहा कि 16 अगस्त से वह फिर से जंतर-मंतर पर अनशन करेंगे। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में हजारे ने कहा, "देश से भ्रष्टाचार को मिटाने को लेकर केंद्र सरकार का रवैया उदासीन है। इसलिए हमारी ओर से सुझाए गए बिन्दुओं को वह नजरअंदाज कर रही है।" उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पेश लोकपाल विधेयक के मसौदे में आम आदमी के लिए कुछ नहीं है। सरकार क्यों नीचे से लेकर ऊपर के अधिकारियों को इस विधेयक के दायरे में लाने से कतरा रही है। भ्रष्टाचार की मार तो सबसे अधिक निचले स्तर पर ही है। राशन कार्ड बनवाने से लेकर अन्य छोटे मोटे कामों के लिए लोगों को हजार चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने कहा, "पिछली बार जब मैं जंतर-मंतर पर धरने पर बैठा था तो सरकार ने सिर्फ समय निकालने के लिए हमारी मांगे मानी थी। लेकिन बाद में वह पलट गई। इस बार 16 अगस्त को मैं फिर से अनशन पर बैठूंगा।"
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अन्ना हजारे, सरकार, लोकपाल बिल