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This Article is From May 17, 2017

नरेंद्र मोदी सरकार का बड़ा फैसला, पहली बार बिना किसी बाहरी मदद के बनेंगे 10 परमाणु रिएक्टर

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में तय किया गया कि भारत में अब 10 नए  प्रेस्राइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर्स (पीएचडब्लूआर) का निर्माण किया जाएगा.

नरेंद्र मोदी सरकार का बड़ा फैसला, पहली बार बिना किसी बाहरी मदद के बनेंगे 10 परमाणु रिएक्टर
इन नए परमाणु ऊर्जा केंद्रों से भारत में ऊर्जा क्रांति का संचार होगा (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: कैबिनेट ने एक अहम फैसले में देश में परमाणु ऊर्जा की उत्पादक क्षमता बढ़ाने के लिए एक अहम प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है. 
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में तय किया गया कि भारत में अब 10 नए  प्रेस्राइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर्स (पीएचडब्लूआर) का निर्माण किया जाएगा. खासबात यह है कि भारत इन केंद्रों को बिना किसी बाहरी मदद के अपने बूते स्थापित करेगा. 

फिलहाल देश में 22 न्यूक्लियर पावर प्लांट कार्य कर रहे हैं जिनसे कुल 6780 मेगावाट परमाणु ऊर्जा पैदा होती है.
सरकार के मुताबिक 2021-22 तक 6700 मेगावाट परमाणु ऊर्जा पैदा करने के लिए निर्माण कार्य  फिलहाल जारी है.
कैबिनेट के फैसले के बाद अब 7000 मेगावाट की अतिरिक्त परमाणु ऊर्जा पैदा करने का प्रस्ताव है. 

ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने दिल्ली में पत्रकारों को इसकी जानकारी दी. सरकार को उम्मीद है कि इससे देश में स्थानीय न्यूक्लियर इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा और परमाणु ऊर्जा की पैदावार आने वाले सालों में बढ़ेगी. इन 10 नए  प्रेस्राइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर्स को 'मेक इन इंडिया' के फ्लैगशिप प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित करने की तैयारी है. इस फैसले से  करीब 33,400 नौकरियां पेदा होने का अनुमान है.
 

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