
नई दिल्ली:
दिल्ली सरकार के एंटी करप्शन हेल्पलाइन के रिलॉन्च को एक महीना पूरा हो गया है। बीते 30 दिनों में 1 लाख 25 हजार के करीब भ्रष्टाचार की कॉल्स आईं, जिसमें 7 मामलों में एंटी करप्शन ब्रांच ने करीब 25 लोगों को गिरफ्तार किया। एंटी करप्शन की इस मुहिम में सबसे ज्यादा लोग दिल्ली जलबोर्ड और शिक्षा विभाग के गिरप्तार किए गए, जबकि दिल्ली के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के भी आधा दर्जन लोगों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया।
हालांकि इस एक महीने में भ्रष्टाचार की शिकायत तो 1 लाख 25 हजार आईं, लेकिन इनमें से 252 को ही एंटी करप्शन ब्रांच को सौंपा गया। जिन 25 लोगों को ब्रांच ने गिरफ्तार किया है वो इन्हीं केसों से संबंध रखते हैं। हालांकि इस दौरान एंटी करप्शन ने दिल्ली पुलिस के भी दो कॉंस्टेबल को रिश्वत के कथित मामलों में पकड़ा, लेकिन दिल्ली पुलिस के साथ टकराव भी देखने को मिला।
दरअसल दिल्ली सरकार का तर्क है कि इस हेल्पलाइन के जरिए वो दिल्ली में चल रहे किसी भी दफ्तर के कर्मचारियों के भ्रष्टाचार की जांच कर सकती है। जबकि दिल्ली पुलिस, डीडीए और दिल्ली नगर निगम का कहना है कि वो दिल्ली सरकार के मातहत काम नहीं करते हैं लिहाजा एंटीकरप्शन उनके मामलों की जांच नहीं कर सकती है।
हालांकि इस एक महीने में भ्रष्टाचार की शिकायत तो 1 लाख 25 हजार आईं, लेकिन इनमें से 252 को ही एंटी करप्शन ब्रांच को सौंपा गया। जिन 25 लोगों को ब्रांच ने गिरफ्तार किया है वो इन्हीं केसों से संबंध रखते हैं। हालांकि इस दौरान एंटी करप्शन ने दिल्ली पुलिस के भी दो कॉंस्टेबल को रिश्वत के कथित मामलों में पकड़ा, लेकिन दिल्ली पुलिस के साथ टकराव भी देखने को मिला।
दरअसल दिल्ली सरकार का तर्क है कि इस हेल्पलाइन के जरिए वो दिल्ली में चल रहे किसी भी दफ्तर के कर्मचारियों के भ्रष्टाचार की जांच कर सकती है। जबकि दिल्ली पुलिस, डीडीए और दिल्ली नगर निगम का कहना है कि वो दिल्ली सरकार के मातहत काम नहीं करते हैं लिहाजा एंटीकरप्शन उनके मामलों की जांच नहीं कर सकती है।
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