What to do if a toddler hit or pulls your hair: कई माता-पिता शिकायत करते हैं कि उनका छोटा बच्चा कभी उन्हें मार देता है, कभी काट लेता है या बाल खींचता है. यह व्यवहार देखकर माता-पिता परेशान हो जाते हैं और समझ नहीं पाते कि ऐसा क्यों हो रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार टॉडलर (Toddler) यानी लगभग एक से तीन साल के बच्चों में ऐसा व्यवहार काफी आम होता है. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. इन कारणों के बारे में आपको बता रही हैं डॉ. रेनू सिंगला.
छोटा बच्चा इन कारणों से मारता है या बाल खींचता है-
बच्चे अपनी बात ठीक से नहीं कह पाते
छोटे बच्चों की कम्युनिकेशन स्किल पूरी तरह विकसित नहीं होती. जब उन्हें कुछ चाहिए होता है या वे किसी चीज को रोकना चाहते हैं, तो वे शब्दों की जगह शारीरिक तरीके से रिएक्शन देते हैं. इसलिए कई बार वे मारने या धक्का देने लगते हैं.
जल्दी गुस्सा या निराशा होना
टॉडलर बच्चों को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण करना नहीं आता. अगर उनसे कोई खिलौना ले लिया जाए या उन्हें किसी चीज के लिए मना किया जाए, तो वे जल्दी गुस्सा हो जाते हैं. इसी गुस्से में वे हाथ उठा देते हैं.
ज्यादा शोर या भीड़ से परेशानी
कभी-कभी ज्यादा भीड़, शोर, यात्रा या दिनचर्या में बदलाव से भी बच्चे परेशान हो जाते हैं. इसे ओवरस्टिमुलेशन कहा जाता है. ऐसी स्थिति में बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं और मारने जैसे रिएक्शन दे सकते हैं.
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भूख या नींद की कमी भी कारण
अगर बच्चा भूखा है, नींद पूरी नहीं हुई है या बहुत थका हुआ है, तो उसका व्यवहार बदल सकता है. ऐसे समय में छोटे बच्चे ज्यादा चिड़चिड़े हो जाते हैं और जल्दी गुस्सा कर सकते हैं.
बच्चे चीज़ों को समझने की कोशिश करते हैं
टॉडलर उम्र में बच्चे हर चीज को समझने और परखने की कोशिश करते हैं. जब वे किसी को मारते हैं, तो कई बार सामने वाले का रिएक्शन देखते हैं. वे समझना चाहते हैं कि उनकी इस हरकत पर माता-पिता क्या करते हैं.
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माता-पिता क्या करें?
- सबसे पहले खुद शांत रहें. बच्चे को मारकर या जोर से डांटकर जवाब देने से स्थिति और खराब हो सकती है.
- दूसरा, अपने चेहरे के भाव पर ध्यान दें. अगर आप हंसेंगे तो बच्चा इसे खेल समझ सकता है. इसलिए शांत रहकर साफ शब्दों में कहें, “मारना नहीं, प्यार से हाथ लगाओ.”
- तीसरा, बच्चे का ध्यान दूसरी गतिविधि की ओर लगाएं. उसे सिखाएं कि मारने की जगह हल्के से छूना या प्यार से हाथ फेरना चाहिए.
- चौथा, बच्चे की जरूरतों का ध्यान रखें. समय पर खाना, नींद और आराम बहुत जरूरी है.
- पांचवां और सबसे जरूरी, बच्चे को उसकी भावनाएं समझाएं. जब बच्चा शांत हो जाए, तो उसे बताएं कि गुस्सा आना सामान्य है, लेकिन मारना सही तरीका नहीं है.
- अगर माता-पिता धैर्य और समझदारी से काम लें, तो धीरे-धीरे बच्चे का यह व्यवहार सुधर सकता है. स्वस्थ बातचीत और प्यार भरा व्यवहार ही बच्चे को सही दिशा में ले जा सकता है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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