World Malaria Day 2026: गर्मी और बारिश का मौसम आते ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. इनमें डेंगू और मलेरिया सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं. अक्सर लोगों को तेज बुखार, शरीर दर्द या कमजोरी होने पर यह समझ नहीं आता कि यह आम बुखार है या फिर डेंगू या मलेरिया. शुरुआत में डेंगू और मलेरिया के लक्षण काफी हद तक एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन असल में इनके कारण, फैलने का तरीका और इलाज अलग होता है. समय पर सही पहचान न हो तो दोनों ही बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं, इसलिए इनके बीच का फर्क समझना बेहद जरूरी है.
डेंगू और मलेरिया में क्या है अंतर- (Difference Between Dengue and Malaria)
डेंगू और मलेरिया दोनों ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां हैं, लेकिन इनके पीछे का कारण अलग होता है. मलेरिया एक परजीवी (Plasmodium parasite) के कारण होता है, जबकि डेंगू एक वायरस से फैलता है. मच्छरों की बात करें तो मलेरिया मादा एनोफिलीज (Anopheles) मच्छर के काटने से फैलता है, जो आमतौर पर रात में एक्टिव होता है. वहीं डेंगू एडीस (Aedes aegypti) मच्छर से फैलता है, जो दिन के समय काटता है. यही वजह है कि दोनों बीमारियों से बचाव के तरीके भी अलग-अलग समय पर ध्यान देने की मांग करते हैं.

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लक्षण और इलाज में क्या फर्क- (Symptoms and Treatment Difference)
डेंगू और मलेरिया के लक्षणों में कुछ समानता जरूर होती है, लेकिन इनके पैटर्न अलग होते हैं. मलेरिया में ठंड लगना, कंपकंपी के साथ बुखार आना और पसीना आना आम लक्षण हैं. यह बुखार एक निश्चित अंतराल पर बार-बार आ सकता है. वहीं डेंगू में अचानक तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द और स्किन पर रैश जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.
इलाज की बात करें तो मलेरिया के लिए एंटी-मलेरियल दवाएं दी जाती हैं, जो शरीर में मौजूद परजीवी को खत्म करती हैं. दूसरी तरफ डेंगू का कोई खास एंटीवायरल इलाज नहीं होता, इसमें मरीज को आराम, पर्याप्त पानी और डॉक्टर की निगरानी में रखा जाता है, ताकि शरीर खुद वायरस से लड़ सके.
बचाव के आसान तरीके- (Simple Ways to Prevent Dengue and Malaria)
डेंगू और मलेरिया दोनों से बचने के लिए मच्छरों से बचाव सबसे जरूरी है. घर के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजह होता है. दिन और रात दोनों समय मच्छरों से बचाव करना जरूरी है, इसलिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें. सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल भी काफी मददगार होता है. अगर बुखार या कमजोरी जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत जांच करानी चाहिए, ताकि समय पर सही इलाज मिल सके.
डेंगू और मलेरिया दोनों ही गंभीर बीमारियां हैं, लेकिन सही जानकारी और सावधानी से इनसे बचा जा सकता है. याद रखें, हर बुखार को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है. समय पर जांच और सही इलाज ही इन बीमारियों से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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