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1 साल पुराना चावल खाने से क्या होता है? जानें किसे और कैसे करना चाहिए चावल का सेवन

What Is The Right Ways To Eat Rice: भारत में बड़े पैमाने पर चावल का सेवन किया जाता है. अगर आप भी चावल खाने के शौकीन हैं, तो इस आर्टिकल में जानें किसे, कब और कैसे करना चाहिए इसका सेवन.

1 साल पुराना चावल खाने से क्या होता है? जानें किसे और कैसे करना चाहिए चावल का सेवन
Rice Benefits: चावल का सेवन वरदान या नुकसान.

How To Consume Rice: मनुष्य का शरीर प्रवृत्ति पर आधारित होता है और उसी के आधार पर अगर लाइफस्टाइल और डाइट को चुना जाए तो आधी बीमारियों का अंत तय है. हालांकि आज के समय में शरीर की प्रवृत्ति के अनुसार डाइट लेना मुश्किल है. यही कारण है कि गलत खान-पान की वजह से शरीर में रुखापन, पाचन अग्नि मंद और डायबिटीज से लेकर थायराइड हर घर की समस्या बनती जा रही है, विशेषकर वात प्रवृत्ति वालों के लिए. ऐसे में यह जान लेना ज्यादा जरूरी है कि वात प्रवृत्ति के लोगों को चावल का सेवन करना चाहिए या फिर नहीं. 

आयुर्वेद के अनुसार, वात दोष का स्वभाव हल्का, ठंडा और रूखापन देने वाला होता है, जबकि चावल का स्वभाव स्वाद में मीठा, ठंडा और पाचन में आसान होता है. ऐसे में अगर कुछ नियमों के साथ चावल का सेवन किया जाए तो यह वात को शांत करने में मदद करेगा. 

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चावल का सेवन कैसे करें- (How To Consume Rice)

  • साल पुराना- वात प्रवृत्ति वाले लोगों को चावल का सेवन कैसे करना चाहिए. इसके लिए 1 साल पुराना चावल खाएं, क्योंकि चावल जितना पुराना होता है, उतना ही गुणों से भरपूर होता है.
  • गर्म चावल- इसके साथ ही हमेशा गर्म और ताजा चावल ही खाएं. फ्रिज में रखा ठंडा और पुराना चावल वात को बढ़ा सकता है और पाचन की समस्या पैदा कर सकता है.
  • घी के साथ- चावल का सेवन हमेशा घी के साथ करें. घी चिकनाई से भरा होता है और वात को शांत कर शरीर के रुखेपन को शांत करने में मदद कर सकता है.
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किस समय करें चावल का सेवन- (What Is The Right Time To Eat Rice)

ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि चावल का सेवन हमेशा दोपहर के वक्त लंच में ही करें. इस वक्त पाचन अग्नि तेज होती है और तरह का खाना पचाने में समर्थ होती है. वात प्रवृत्ति वालों को चावल के साथ दही का सेवन करने से बचना चाहिए. इससे शरीर में वात का असंतुलन पैदा होता है. कोशिश करें कि चावल को मूंग की दाल और एक चम्मच घी के साथ खाएं. इससे चावल और शरीर का शुष्कपन कम होगा.

इसके अलावा, वात प्रवृत्ति वालों को रात के समय चावल खाने से परहेज करना चाहिए. रात के समय चावल का सेवन कफ और वात दोनों को असंतुलित कर सकता है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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