Cold Water or Warm Water in the Morning: सर्दियों का मौसम आते ही हमारा रूटीन, खानपान और आदतों में अपने-आप बदलाव आ जाता है. ठंड के कारण पसीना कम निकलता है, प्यास कम लगती है और यही वजह है कि इस मौसम में लोग पानी कम पीने लगते हैं. लेकिन, शरीर को सालभर पानी की उतनी ही जरूरत होती है, चाहे मौसम कोई भी हो. आयुर्वेद के अनुसार, सर्दियों में शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए पानी का तापमान बहुत मायने रखता है. यही कारण है कि यह सवाल बार-बार उठता है ठंडा पानी पिएं या गर्म?
आयुर्वेद मानता है कि हर व्यक्ति की प्रकृति अलग होती है वात, पित्त और कफ. मौसम के अनुसार इन दोषों में बदलाव आता है. सर्दियों में खासतौर से वात और कफ बढ़ जाते हैं, इसलिए पानी का चुनाव सोच-समझकर करना चाहिए. आइए, आयुर्वेद की दृष्टि से गर्म (या गुनगुने) और ठंडे पानी दोनों के फायदे समझते हैं.
गुनगुना या गर्म पानी: सर्दियों का सबसे भरोसेमंद साथी कौन?
आयुर्वेद के अनुसार, सर्दियों में गुनगुना पानी ठंडे पानी की तुलना में ज्यादा लाभकारी माना गया है.
1. पाचन अग्नि को करता है तेज
गुनगुना पानी पीने से पाचन अग्नि सक्रिय होती है. इससे खाना आसानी से पचता है, गैस, अपच और पेट भारी रहने जैसी समस्याएं कम होती हैं. जिन, लोगों को कब्ज़ की शिकायत रहती है, उनके लिए भी यह बेहद फायदेमंद है.
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2. गले के लिए औषधि समान
ठंड के मौसम में गले में खराश, खांसी और टॉन्सिल की समस्या आम है. गुनगुना पानी गले की सूजन को कम करता है, संक्रमण से बचाता है और आवाज़ को साफ़ व मधुर बनाए रखता है.
3. किडनी और ब्लैडर को करता है डिटॉक्स
गुनगुना पानी शरीर के अंदर जमा टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है. इससे किडनी और ब्लैडर बेहतर तरीके से काम करते हैं और पेशाब से जुड़ी परेशानियां कम होती हैं.
4. वात और कफ को रखता है संतुलन में
सर्दियों में वात और कफ बढ़ने से सर्दी-जुकाम, जोड़ों में दर्द और भारीपन महसूस होता है. गुनगुना पानी इन दोषों को संतुलित रखता है और इम्यूनिटी को भी मजबूत करता है.
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ठंडा या मटके का पानी कब है फायदेमंद?
हालांकि सर्दियों में ठंडा पानी सभी के लिए सही नहीं माना जाता, लेकिन इसके भी कुछ खास फायदे हैं.
1. थकान और चक्कर में राहत
अगर कमजोरी, थकान या चक्कर जैसा महसूस हो रहा हो, तो सामान्य या मटके का पानी तुरंत राहत दे सकता है. यह घबराहट को भी कम करता है.
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2. जलन और पित्त दोष में उपयोगी
शरीर में जलन, एसिडिटी या खून से जुड़ी कुछ समस्याओं में ठंडा पानी आराम देता है. पित्त प्रकृति वाले लोगों को सीमित मात्रा में ठंडा पानी सूट कर सकता है.
3. हाई बीपी में लाभकारी
कुछ मामलों में हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए ठंडा पानी फायदेमंद माना जाता है, लेकिन यह डॉक्टर या वैद्य की सलाह से ही लेना चाहिए.
किन लोगों को ठंडे पानी से बचना चाहिए?
आयुर्वेद के अनुसार, बुखार, कफ की मात्रा ज्यादा, पसलियों या सीने में दर्द, भूख न लगना, सर्दी-जुकाम या खांसी इन स्थितियों में ठंडा पानी पीना परेशानी बढ़ा सकता है.
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सही समय और सही मात्रा क्या है?
- चाहे गर्मी हो या सर्दी, सुबह उठकर गुनगुना पानी पीना सबसे उत्तम माना जाता है. इससे शरीर साफ होता है और मेटाबॉलिज्म बेहतर रहता है.
- भोजन से लगभग 30 मिनट पहले गुनगुना पानी पीने से पाचन शक्ति बढ़ती है और भूख अच्छे से लगती है.
- ध्यान रखें, पानी उतना ही पिएं, जितनी शरीर को जरूरत हो. बिना प्यास लगे जबरदस्ती पानी पीना सही नहीं है.
आयुर्वेद कहता है कि सर्दियों में गुनगुना पानी शरीर के लिए सबसे सुरक्षित और लाभकारी विकल्प है. ठंडा पानी भी कुछ स्थितियों में फायदेमंद हो सकता है, लेकिन सभी के लिए नहीं. इसलिए अपने शरीर की जरूरत और प्रकृति को समझकर ही पानी का चुनाव करें, क्योंकि सही तापमान का पानी ही असली सेहत का राज है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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