हॉलीवुड स्टार टॉम हॉलैंड एक बार फिर मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की फिल्म 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' में स्पाइडर-मैन के किरदार में नजर आए. उनकी फिट बॉडी और शानदार फिजिक ने लोगों को फिर से अपना दीवाना बना दिया, लेकिन क्या आप जानते हैं उनकी इस फिटनेस का राज क्या है? बता दें, टॉम ने सिर्फ भारी वजन उठाकर ही ये शरीर नहीं बनाया. उन्होंने बॉडीवेट एक्सरसाइज, जिम्नास्टिक और हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग को भी अपनी फिटनेस का हिस्सा बनाया है.
उनकी ट्रेनिंग का एक फेमस वर्कआउट है 'सिंडी' देखने में भले ही ये आसान लगे, पर ये पूरे शरीर की पूरी ताकत लगा देता है. क्या है सिंडी वर्कआउट? इसे कैसे करते हैं? इन सभी सवालों के जवाब पर एक नजर डालते हैं.
क्या है सिंडी वर्कआउट?
सिंडी एक बॉडीवेट वर्कआउट है. इसमें सिर्फ 3 एक्सरसाइज होती हैं,
- 5 पुल-अप
- 10 पुश-अप
- 15 स्क्वाट
इन तीनों एक्सरसाइज को लगातार 20 मिनट तक दोहराया जाता है, लक्ष्य होता है कि इस दौरान आप जितने ज्यादा राउंड सही तकनीक के साथ पूरा कर सकें, करें.

सिंडी वर्कआउट इतना असरदार क्यों है?
सिंडी वर्कआउट शरीर के बड़े-बड़े मसल ग्रुप्स को एक साथ काम कराता है, यही वजह है इसे इतना दमदार माना जाता है.
फुल-बॉडी वर्कआउट
- पुल-अप: पीठ, कंधे, बाइसेप्स और पकड़ की ताकत बढ़ाते हैं.
- पुश-अप: छाती, कंधे और ट्राइसेप्स को टोन करते हैं.
- स्क्वाट: जांघ, हैमस्ट्रिंग और ग्लूट्स मजबूत बनते हैं.
इन तीनों के साथ-साथ आपका कोर भी एक्टिव रहता है, जिससे शरीर का बैलेंस भी बेहतर होता है.
स्टैमिना बढ़ाता है
इस वर्कआउट को लगातार किया जाता है, यही कारण है कि मांसपेशियों की थकान सहने की क्षमता बढ़ती है, जिससे लंबे समय तक एक्टिव रहने में मदद मिल सकती है.
दिल और फेफड़ों के लिए बेस्ट
इसमें ट्रेडमिल या साइकिल नहीं है, फिर भी लगातार करने से हार्ट रेट तेज हो जाता है, जिससे कार्डियो फिटनेस सुधरती है और सांस फूलने की प्रॉब्लम कम होती है.
क्या हर कोई सिंडी वर्कआउट कर सकता है?
क्या टॉम हॉलैंड वाला वर्कआउट कॉपी करें? जवाब है नहीं. टॉम हॉलैंड प्रो एथलीट हैं, उनकी ट्रेनिंग आम लोगों से बहुत अलग है. इसलिए उनका वर्कआउट सीधा कॉपी करना ठीक नहीं. अगर आप फिर भी इस वर्कआउट को शुरू करना चाहते हैं, तो शुरुआत ऐसे करें,
- असिस्टेड पुल-अप
- इंक्लाइन पुश-अप
- 5 से 10 मिनट से शुरू करें
- कम राउंड करें
- फिटनेस बढ़े तो धीरे-धीरे मुश्किल बढ़ाएं
चोट से बचें
बॉडीवेट है तो इसका मतलब ये नहीं कि चोट नहीं लगेगी, थकने पर फॉर्म बिगड़ता है और कंधे, घुटने, कमर में दर्द हो सकता है. ऐसे में अगर पहले से कोई दिक्कत है तो शुरू करने से पहले डॉक्टर से पूछें.
रिकवरी जरूरी है
डॉक्टर पटेल के अनुसार, "लंबे समय तक फिट रहने के लिए सिर्फ वर्कआउट नहीं, बल्कि अच्छा खाना, 7 से 8 घंटे की नींद और सही रिकवरी भी जरूरी है.
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