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Smartphone Health Apps पर आंख बंद करके भरोसा करना पड़ सकता है भारी, जान लें ये जरूरी बातें

Smartphone Health Apps: स्मार्टफोन पर होने वाली हेल्थ ऐप्स से हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर और SpO2 करते हैं चेक, पहले जान लीजिए इन ऐप्स की सच्चाई और क्यों इन पर भरोसा करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है.

Smartphone Health Apps पर आंख बंद करके भरोसा करना पड़ सकता है भारी, जान लें ये जरूरी बातें
ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट चेक करने के लिए स्मार्ट ऐप्स का इस्तेमाल करना कितना सही है? ( Image-AI)

Smartphone Health Apps: आज के समय में लोग पूरी तरह से स्मार्टफोन पर डिपेंड रहने लगे हैं. फोन पर टाइम देखने से लेकर के, अपनी रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर हेल्थ टिप्स के लिए भी फोन और एप्स की मदद ली जा रही है. स्मार्टफोन से फिटनेस ट्रैक करना हो या हेल्थ चेक करना कई कामों के लिए लोग फोन पर डिपेंड हो गए हैं. बता दें कि आज के समय में कई मोबाइल ऐप्स तो ये तक दावा करते हैं कि आप सिर्फ कैमरे पर उंगली रखकर अपना Heart Rate, Blood Pressure और SpO2 तक चेक कर सकते हैं. हालांकि ये सब सुनने में बेहद आसान और काम की चीज लगती है. लेकिन क्या ये ऐप सच में आपको सही हेल्थ अपडेट देते हैं? अगर आप भी इन पर आंखें बंद कर के भरोसा कर लेते हैं तो आपको थोड़ा सोचने की जरूरत है.

असल में इन ऐप्स में दिखाई जाने वाली रीडिंग 100% मेडिकल डेटा नहीं होती. ये सिर्फ एक तरह की कैलकुलेटेड एप्रोक्सीमेशन (calculated approximation) होती है. यानी इन ऐप के कैमरा और सेंसर से कुछ बेसिक डेटा लेकर एक अनुमान लगाते हैं, ना कि किसी मेडिकल डिवाइस की तरह सटीक रिजल्ट देता है.

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कैसे काम करते हैं ये ऐप्स?

जब आप इन ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं तो ये आपकी चीजों को कैलकुलेट कर के अंदाजा लगाते हैं. जैसे जब आप कैमरे पर उंगली रखते हैं, तो ऐप आपके ब्लड के फ्लो (blood flow) में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को पकड़ने की कोशिश करता है. इसी के आधार पर हार्ट रेट का भी अंदाजा लगाया जाता है. लेकिन ब्लड प्रेशर ( blood pressure) और एसपीओ2 (SpO2) जैसे पैरामीटर को सिर्फ कैमरे से सही मापना आसान नहीं होता है. इन सभी को चेक करने के लिए आपको स्पेशल तरह के मेडिकल डिवाइस की जरूरत पड़ती है. 

कहां पर हो सकती है गलती?

बता दें कि ये ऐप्स कई कारणों से गलत रीडिंग दे सकती हैं. जैसे फोन का कैमरा क्वालिटी, रोशनी, आपकी उंगली का सही से न रखना, या ऐप का एल्गोरिदम. ऐसे में अगर आप इन ऐप्स पर ही भरोसा कर के कोई हेल्थ डिसीजन लेते हैं तो ये आपके लिए खतरनाक भी साबित हो सकता है. बता दें कि हॉवर्ड हेल्थ पब्लिशिंग में भी एक रिपोर्ट फाइल हुई है जिसमें बताया गया कि है कि ब्लड प्रेशर को मेजर करने के लिए स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं आपको थोड़ा सावधान होने की जरूरत है. 

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 क्या कहते हैं डॉक्टर?

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो इन ऐप्स का इस्तेमाल सिर्फ जनरव अवेयरनेस के लिए ही करें. इनके भरोसे किसी बीमारी का इलाज ना करें. अगर आपको हार्ट, ब्लड प्रेशर या ऑक्सीजन लेवल से जुड़ी कोई चिंता है, तो हमेशा सही मेडिकल डिवाइस या डॉक्टर के पास जाकर ही टेस्ट करवाएं. 

कब कर सकते हैं इस्तेमाल?

अगर आप सिर्फ अपनी फिटनेस को ट्रैक कर रहे हैं या फिर एक रफ आइडिया लेना चाहते हैं, ऐसे में इन ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन इन पर पूरी तरह से भरोसा कर के निर्भर हो जाना सही नहीं है. 

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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