Side Effects of Air Conditioning: मौजूदा दौर में घर हो या दफ्तर एयर कंडीशनर या एसी हम सबके रहन-सहन में पूरी तरह शामिल हो गया है. मॉडर्न लाइफ स्टाइल का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका एसी गर्मी के महीनों में चिलचिलाती गर्मी से आराम और राहत दिलाता है, लेकिन एयर कंडीशनिंग के हमारी सेहत पर कई साइड इफेक्ट भी होते हैं. हम सबको हेल्थ पर होने वाले एयर कंडीशनिंग के बुरे असर के बारे में जानना बेहद जरूरी है, तभी हम उनसे बच सकते हैं. आइए, हम जानते हैं कि लंबे समय तक एयर कंडीशनिंग के संपर्क में रहने के कारण कौन सी दिक्कतें पैदा हो सकती हैं.
एयर कंडीशनर के साइड इफेक्ट्स (Side Effects of Air Conditioning)
- आंखों की नमी कम होना : एयर कंडीशनिंग के सबसे ज्यादा होने वाले साइड इफेक्ट में आंखों की नमी कम होने की चर्चा होती है. जब एयर कंडीशनर चलता है, तो यह कमरे में नमी के स्तर को कम कर देता है. इसके चलते हमारी आंखों की नमी तेजी से भाप में बदल जाती है. इससे आंखों में सूखापन, खुजली और परेशानी होने लगती है.
- सुस्ती और आलस : वातानुकूलित माहौल में लंबे समय तक बिताने से हमें सुस्ती और ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है. क्योंकि ठंडा तापमान हमारी मेटाबॉलिज्म रेट को कम कर सकता है और हमारे शरीर की प्राकृतिक प्रक्रियाओं को धीमा कर सकता है. इसके अलावा, ताजी हवा की कमी थकान और उनींदेपन बढ़ा देती है.
- डिहाइड्रेशन : एयर कंडीशनिंग हवा में नमी के स्तर को कम करने के साथ ही हमारे शरीर को भी डिहाइड्रेट कर देता है. जब हवा शुष्क होती है, तो हमारे शरीर सांसों और पसीने के जरिए ज्यादा तेजी से नमी खोते हैं. अगर हम पर्याप्त तरल चीजें पीकर इसकी भरपाई नहीं करते हैं तो इससे डिहाइड्रेशन हो सकता है. लंबे समय तक डिहाइड्रेशन से सिरदर्द और चक्कर आने जैसी दिक्कतें होती हैं.
- स्किन का सूखना और खुजली : एयर कंडीशनिंग का एक और आम साइड इफेक्ट सुखी या खुजली वाली स्किन है. जब हवा में नमी की कमी होती है, तो इससे हमारी स्किन नमी खोने लगती है और वह सूख कर परतदार और चिड़चिड़ी हो जाती है. यह एक्जिमा जैसी पहले से मौजूद बीमारियों वाले लोगों के लिए खास तौर पर दिक्कत बढ़ाने वाली होती है. पर्याप्त पानी पीना और मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल इन बुरे प्रभावों को कम करने में मदद कर सकता है.
- सिर दर्द, माइग्रेन और साइनस : एयर कंडीशनिंग कुछ लोगों में सिरदर्द पैदा कर सकता है. घर के अंदर के ठंडे वातावरण और बाहर के गर्म वातावरण के बीच अचानक तापमान में बदलाव के कारण सिर में ब्लड वेसेल्स सिकुड़ सकती हैं या तेजी से फैल सकती हैं. इससे सिरदर्द हो सकता है. इसके अलावा, ठंडी और ड्राई हवा में लंबे समय तक रहने से साइनस का जमाव हो सकता है और माइग्रेन बढ़ सकता है.
- सांस लेने की दिक्कत : एयर कंडीशनिंग हमारे श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है. खास कर सांस की दिक्कतों वाले लोगों के लिए परेशानी बढ़ सकती है. एलर्जी या अस्थमा से पीड़ित लोगों को वातानुकूलित वातावरण में बदतर लक्षणों का अनुभव हो सकता है. खांसी, छींकने और गले में परेशानी बढ़ सकती है.
- एलर्जी और अस्थमा : एयर कंडीशनिंग सिस्टम धूल, पराग और फफूंदी जैसे एलर्जी बढ़ाने वाली वजहों को बढ़ा सकते हैं. अगर ठीक से देखभाल न किया जाए, तो ये एलर्जी हवा में फैल सकती है और छींकने, खांसने, आंखों से पानी आने और नाक बंद होने जैसी एलर्जी और रिएक्शंस पैदा कर सकती है. एलर्जी और अस्थमा से पीड़ित शख्स इन ट्रिगर्स के चलते काफी परेशान होते हैं.
- ध्वनि प्रदूषण : एयर कंडीशनिंग गर्मी से आराम पहुंचाती है, तो उसकी आवाज ध्वनि प्रदूषण को भी बढ़ावा देती है. खासकर रात के समय, एयर कंडीशनर की लगातार गड़गड़ाहट नींद के पैटर्न को बाधित कर सकती है और झुंझलाहट पैदा कर सकती है. उच्च स्तर के शोर के लगातार संपर्क में रहने से नींद में खलल पड़ सकता है, तनाव का स्तर बढ़ सकता है और सेहत में गिरावट आ सकती है.
- संक्रामक रोग : एयर कंडीशनिंग सिस्टम की ठीक से रखरखाव और सफाई नहीं होने से हमेशा संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका होती है. क्योंकि ये मशीन बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के ठिकाने बन सकते हैं. हवा के जरिए फैलकर ये सांसों की दिक्कत समेत कई संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ा देते हैं.
- इनडोर पॉल्यूशन : एयर कंडीशनिंग अनजाने में इनडोर वायु प्रदूषण भी बढ़ाती है. उचित वेंटिलेशन की कमी से बंद जगह के भीतर हवा घूमती है और धूल, पालतू जानवरों की रूसी, कार्बनिक कंपाउंड्स (वीओसी), और वायुजनित रसायनों जैसे प्रदूषण को बढ़ाती है.
एयरकंडिशनर के साइड इफेक्ट्स से कैसे बचें
एयर कंडीशनिंग से गर्म मौसम में राहत पाने के साथ ही इसके साइड इफेक्ट्स से सेहत को बचाना काफी जरूरी है. सेहत की चिंताओं को कम करने के लिए, हमें कमरे में नमी बनाए रखने और खुद को हाइड्रेटेड करने के लिए बीच-बीच में वातानुकूलित वातावरण से ब्रेक लेना चाहिए. इसके अलावा एयर कंडीशनिंग सिस्टम की नियमित सफाई और रखरखाव करते रहना चाहिए.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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