Yoga Can Reduce Osteoporosis Pain: ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी स्थिति है जो हमारी हड्डियों को भंगुर और कमजोर बना देती है. इससे हमारी हड्डियां टूटने का खतरा रहता है. हड्डी एक प्रकार का ऊतक है जिसे बार-बार पुनर्निर्मित (Renovated) किया जाता है. जब नई हड्डी का निर्माण मौजूदा हड्डी के अध: पतन (Degeneration) के साथ नहीं रह सकता है, तो ऑस्टियोपोरोसिस विकसित होता है.
आप अपने ऑस्टियोपोरोसिस डाइट में योग (Yoga In Osteoporosis Diet) को शामिल कर सकते हैं. यह लक्षणों से राहत, हड्डियों के स्वास्थ्य में सुधार और समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है. मेनोपॉज के बाद योग हड्डियों की डेंसिटी को भी बढ़ावा दे सकता है.
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योग ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षणों को कैसे कम करता है?
ऐसे कई तरीके हैं जिनसे योग ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षणों में सुधार कर सकता है. योग को अपने वर्कआउट रूटीन में शामिल करने से आपकी हड्डियों को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है. यहां बताया गया है कि योग ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित लोगों की कैसे मदद करता है:
- पोश्चर में सुधार
- बॉडी कॉर्डिनेशन में सुधार करता है
- बोन डेंसिटी को बढ़ाता है
- प्लेसिबिलिटी को बढ़ाता है
- बैलेंस में सुधार
- स्पीड कैपेसिटी को बढ़ाता है.
कुछ योग हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के कुछ पहलुओं पर फोकस करते हैं. ऑस्टियोपोरोसिस के इलाज के लिए हड्डियों को मजबूत बनाने की जरूरत होती है. यहां 4 योग मुद्राएं हैं जो ऑस्टियोपोरोसिस को मैनेज करने में मदद कर सकती हैं:
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कौन से योग कम कर सकते हैं ऑस्टियोपोरोसिस का दर्द | Which Yoga Can Reduce The Pain Of Osteoporosis
1. अधो मुख शवासन
- फर्श की ओर मुंह करके जमीन पर सपाट लेट जाएं.
- धीरे-धीरे अपने धड़ को ऊपर उठाएं और अपने शरीर के साथ पहाड़ जैसी संरचना बनाएं.
- आपकी हथेलियां दूर-दूर तक होनी चाहिए. (आपके कंधों की तुलना में)
- दूसरी ओर, आपके पैरों को एक दूसरे के बगल में रखा जाना चाहिए.
- इस बिंदु पर जमीन को छूने वाले शरीर के एकमात्र अंग आपकी हथेलियां और पैर होने चाहिए.
- आपका चेहरा आर्म्स के समान कोण पर अंदर और नीचे की ओर होना चाहिए.
- आपके शरीर को एक त्रिभुज बनाना चाहिए (आपके हाथ, कूल्हे और पैर कोने हैं)
- कुछ सेकंड के लिए इस स्थिति में रहें और कम से कम 10 बार दोहराएं.
2. वृक्षासन
- सीधे खड़े हो जाएं.
- अपनी बाहों को ऊपर उठाएं.
- अब अपने दोनों पैरों में से किसी एक को उठाएं और अपने पैरों को दूसरी जांघ पर रखें.
- आइडियली आपका पैर आपकी जांघ पर उतना ही ऊपर होना चाहिए जितना इसे मिल सकता है.
- 30 सेकंड के लिए इस स्थिति में रहें और कम से कम 4-5 बार दोहराएं.
3. दंडासन
- यह आसन फ्लैंक स्थिति के समान है.
- अपने चेहरे को फर्श की ओर करके लेटें.
- पुश-अप पोजीशन में आएं.
- अपने हाथों पर वजन रखने के बजाय अपनी बाहों को मोड़ें.
- इस बिंदु पर आपके अग्रभाग और पैर जमीन को छूते हुए शरीर के अंग पर होने चाहिए.
- 30 सेकंड से 1 मिनट के लिए इस स्थिति में 2-3 बार दोहराएं.
4. शवासन
- समतल जमीन पर लेट जाएं.
- अपनी बाहों को एक तरफ रखें और अपनी हथेलियां खुली रखें.
- आपकी हथेलियां आसमान की ओर होनी चाहिए.
- आपके पैर आपके कंधों से थोड़ा दूर होने चाहिए.
- इस बिंदु पर सांस अंदर और बाहर करें.
अंत में योग ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षणों को कम करने में मददगार साबित हो सकता है. इसके साथ ही ऐसे डाइट का भी पालन करें जो आपकी हड्डियों और जोड़ों की मदद में सुधार करे.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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