Mizoram Red Card Scheme: अगर कोई आपसे कहे कि डॉक्टर की पर्ची दिखाकर शराब खरीदी जा सकती है, तो शायद आपको यकीन न हो. लेकिन भारत के मिजोरम राज्य में अब ऐसा ही एक नियम लागू किया गया है. यहां शराबबंदी लागू है और आम लोगों के लिए शराब खरीदना या पीना प्रतिबंधित है. इसके बावजूद सरकार ने कुछ खास परिस्थितियों के लिए एक नई व्यवस्था शुरू की है. इस व्यवस्था के जरिए अगर किसी व्यक्ति को इलाज के दौरान शराब की जरूरत बताई जाती है, तो उसे कानूनी रूप से शराब रखने और इस्तेमाल करने की अनुमति मिल सकती है. इस फैसले ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है और इसके बारे में खूब चर्चा हो रही है.
क्या है रेड कार्ड योजना
मिजोरम सरकार ने शराबबंदी कानून में बदलाव करते हुए 'रेड कार्ड' नाम की एक स्पेशल परमिशन शुरू की है. ये कार्ड उन लोगों के लिए होगा जिनके मामले में डॉक्टर शराब को इलाज का हिस्सा मानते हैं. यानी सिर्फ इच्छा होने से कोई ये कार्ड नहीं बनवा सकता. इसके लिए मेडिकल कारण होना जरूरी है.
डॉक्टर की सिफारिश के बाद मिलेगी मंजूरी
रेड कार्ड पाने की प्रक्रिया भी आसान नहीं रखी गई है. सबसे पहले एक रजिस्टर्ड डॉक्टर को ये प्रमाणित करना होगा कि मरीज को इलाज के लिए शराब की जरूरत है. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग इस सिफारिश की जांच करेगा. सभी दस्तावेज सही पाए जाने पर एक्साइज और नारकोटिक्स विभाग अंतिम मंजूरी देगा.
कार्ड की वैधता और नियम
सरकार के अनुसार रेड कार्ड एक साल तक मान्य रहेगा. इसके लिए 5,000 रुपये की सालाना फीस देनी होगी. आवेदन शुल्क अलग से लिया जाएगा. कार्डधारक केवल तय मात्रा में ही शराब खरीद सकेंगे. साथ ही सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने की अनुमति नहीं होगी.
आम लोगों के लिए नहीं है छूट
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह नियम शराबबंदी को कमजोर करने के लिए नहीं बनाया गया है. यह सिर्फ चुनिंदा मेडिकल मामलों के लिए एक विशेष व्यवस्था है. आम लोगों के लिए राज्य में शराब पर प्रतिबंध पहले की तरह जारी रहेगा.
शुरुआत में नहीं आया कोई आवेदन
दिलचस्प बात ये है कि योजना शुरू होने के बाद शुरुआती दिनों में एक भी आवेदन नहीं मिला. इससे साफ है कि सरकार इस व्यवस्था को बेहद सीमित और सख्त तरीके से लागू करना चाहती है.
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