Rural VS Urban Health Comparison: आपको शहरों में हर दूसरी गली में एक बड़ा अस्पताल, जिम देखने को मिल जाएगा. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि गांव के बुजुर्ग आज भी शहर के युवाओं से ज्यादा फिट और फुर्तीले क्यों हैं? शहर में हम आरओ (RO) का पानी पीते हैं, ऑर्गेनिक सब्जियां ढूंढते हैं और एयर प्यूरीफायर लगाकर सोते हैं, फिर भी बीमारियां बढ़ रही हैं. वहीं, गांव में लोग धूल-मिट्टी के बीच रहकर भी लंबी और सेहतमंद जिंदगी जीते हैं.
गांव के लोगों की सेहत का सिक्रेट- (Secret of the health of the village people)
1. पैदल चलना-
शहरों में सब्जी लेने भी जाना हो तो स्कूटी या कार निकालते हैं ऑफिस में 8-9 घंटे कुर्सी पर बैठे रहते हैं. गांव में जीवन इसके बिल्कुल उलट है. वहां के लोगों के लिए पैदल चलना कोई एक्सरसाइज नहीं, बल्कि उनकी दिनचर्या का हिस्सा है. जब हम पैदल चलते हैं, तो हमारे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दिल की बीमारियां कोसों दूर रहती हैं. शहर में हम जो '10,000 स्टेप्स' का टारगेट ऐप में सेट करते हैं, गांव वाले उसे अनजाने में ही हर रोज पूरा कर लेते हैं.

Photo Credit: Pexels
2. फ्रेश डाइट-
शहर में हम जो सब्जियां खाते हैं, वो हफ्तों पहले खेतों से टूटती हैं, फिर कोल्ड स्टोरेज में रहती हैं और अंत में केमिकल के छिड़काव के बाद हमारे फ्रिज तक पहुंचती हैं. गांव के लोगों की सबसे बड़ी ताकत है 'ताजा खाना'. गांव में लोग वही खाते हैं जो उस मौसम में उगता है. वे डिब्बाबंद खाना या महीनों पुराने अचार-मुरब्बे के बजाय ताजा दही, मट्ठा, हरी सब्जियां और शुद्ध अनाज का सेवन करते हैं. उनके खाने में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे उनका पाचन तंत्र (Digestion) हमेशा दुरुस्त रहता है. यही वजह है कि शहर वालों की तरह उन्हें पेट की समस्याएं और मोटापा जल्दी नहीं घेरता.
3. कुदरत का साथ-
शहरों में हमारी सुबह बंद कमरों और AC में होती है. हम धूप से बचते हैं क्योंकि हमें 'टैनिंग' का डर रहता है. लेकिन गांव के लोग सूरज की पहली किरण के साथ अपने काम शुरू कर देते हैं. भरपूर धूप (Sunlight) मिलने से उनके शरीर को प्राकृतिक रूप से विटामिन-डी मिलता है, जो हड्डियों को लोहे जैसा मजबूत बनाता है और डिप्रेशन जैसी मानसिक बीमारियों को दूर रखता है. साथ ही, वहां की ताजी हवा उनके फेफड़ों को वो ऑक्सीजन देती है जिसकी कल्पना भी हम दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों में नहीं कर सकते.
ये भी पढ़ें- 7 दिन में 5 किलो वजन घटाने का सीक्रेट डाइट प्लान, दो बच्चों की मां ने बताया कैसे 40 की उम्र में भी दिख सकते हैं फिट
फेफड़ों का कैंसर कितने तरह का होता है? लंग कैंसर के प्रकार
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं