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कल इंडिया गठबंधन की दिल्ली में बैठक, ममता बनर्जी का एजेंडा समझिए

ममता बनर्जी अचानक इंडिया गठबंधन को एकजुट करने में जुट गई है. दिल्ली में कल इंडिया गठबंधन की मीटिंग भी ममता बनर्जी के कहने पर ही हो रही है. ऐसे में सवाल ये है कि आखिर ममता बनर्जी को आखिर इंडिया गठबंधन की इतनी जरूरत क्यों आ पड़ी है.

कल इंडिया गठबंधन की दिल्ली में बैठक, ममता बनर्जी का एजेंडा समझिए
राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी पर तीखे हमले भी किए थे, लेकिन अभी ममता बनर्जी को कांग्रेस की जरूरत है. (फाइल फोटो)
  • आम आदमी पार्टी और डीएमके ने कांग्रेस से अलग होने के कारण इस बैठक में हिस्सा लेने से इनकार किया है
  • ममता बनर्जी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहतीं, लेकिन लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है
  • पश्चिम बंगाल की बशीरहाट लोकसभा सीट पर उपचुनाव में ममता बनर्जी को कांग्रेस की मदद की आवश्यकता है

इंडिया गठबंधन की सोमवार को होने वाली बैठक के लिए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि “23 राजनीतिक दलों ने सोमवार, 8 जून 2026 को दोपहर 12 बजे नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाली INDIA जनबंधन की बैठक में भाग लेने की पुष्टि की है. कुछ दलों ने अपने-अपने कारणों से इस विशेष बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई है.”

बैठक में शामिल नहीं होने वाले दलों में आम आदमी पार्टी और डीएमके का नाम सबसे बड़ा है. डीएमके ने तमिलनाडु में कांग्रेस के टीवीके से गठबंधन करने की वजह से नाता तोड़ लिया है. यही नहीं लोकसभा और राज्यसभा में भी कांग्रेस से अलग सीट देने की मांग की है, जिसे मंजूर कर लिया गया है. खास बात ये भी है कि इस बार इंडिया गठबंधन की बैठक न्यूट्रल जगह पर बुलाई गई है.

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पिछली दो बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के घर पर हुई थी. इस बार इंडिया गठबंधन की बैठक तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी के कहने पर हो रही है. इस बैठक में ममता बनर्जी के साथ अभिषेक बनर्जी भी शामिल होंगे. ममता को बंगाल में बीजेपी से लड़ने के लिए इंडिया गठबंधन और खासकर कांग्रेस का साथ चाहिए. 

ममता बनर्जी का एजेंडा क्या हो सकता है 

सूत्रों की मानें तो ममता बनर्जी अभी के माहौल में विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ना चाहती हैं. पश्चिम बंगाल में दो सीटों पर उपचुनाव होने हैं. एक तो शुभेंदु अधिकारी की नंदीग्राम वाली सीट और दूसरी हुमायूं जहांगीर की रेजी नगर सीट. साथ ही ये भी है कि अगर ममता बनर्जी विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहेंगी तो तृणमूल कांग्रेस का कोई भी विधायक अपनी सीट छोड़ सकता है. मगर खबर यही है कि ममता बनर्जी विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगी. हां, ये जरूर कहा जा रहा है कि ममता बनर्जी लोकसभा का चुनाव लड़ सकती हैं.

पश्चिम बंगाल में बशीरहाट लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव होना है. यह सीट हाजी नुरूल इस्लाम के निधन की वजह से खाली हुई है. ये वही सीट है, जहां 2019 में नुसरत जहां चुनाव जीतीं थी. आज के माहौल में ममता बनर्जी को बशीरहाट सीट जीतने के लिए कांग्रेस की मदद चाहिए, क्योंकि सार्वजनिक रूप से वो वामदलों से सर्मथन ले नहीं सकती. मगर कांग्रेस से तो मदद मांग ही सकती हैं और इसके लिए इंडिया गठबंधन उनके काम आ सकता है. बशीरहाट मुस्लिम बहुल सीट है. वहां अल्पसंख्यक आबादी 55 फीसदी से अधिक है और यही वजह है कि ममता बनर्जी को इस सीट पर कांग्रेस की जरूरत है. 

कांग्रेस के संपर्क में ममता बनर्जी के विधायक

दूसरी बात यह भी कही जा रही है कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायक कांग्रेस पार्टी के संपर्क में हैं. मगर राहुल गांधी ने उनसे कोई नाता नहीं रखने का फैसला लिया है. माना जा रहा है कि सोनिया गांधी भी इसी के पक्ष में हैं. यही वजह है कि कांग्रेस नेता जयराम रमेश के ट्वीट पर जवाब में तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने लिखा है कि “एक समान उद्देश्य और स्पष्ट संकल्प के साथ बैठक, एकजुट इंडिया. आपसी भाईचारे और सौहार्द की भावना के साथ कई दल इस बैठक की प्रतीक्षा कर रहे हैं." डेरेक का यह लिखना अभी के तृणमूल कांग्रेस की पूरी मानसिकता को बयान करता है. मगर सबसे बड़ा सवाल है यही है कि क्या राहुल गांधी पश्चिम बंगाल में अपनी पार्टी की बलि चढ़ाकर ममता बनर्जी या कहें इंडिया गठबंधन को बचाना चाहेंगे?

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