विज्ञापन
This Article is From Jul 20, 2025

बिना यात्रा के भी हो सकता है 'इंटरनल जेट लैग' से डिप्रेशन का खतरा, स्टडी में हुआ खुलासा

शोध में शरीर के तापमान, कोर्टिसोल और मेलाटोनिन लेवल का विश्लेषण किया गया, जो सर्कैडियन रिदम को कंट्रोल करते हैं. यह रिदम नींद और जागने जैसे 24 घंटे के सर्कल को संचालित करता है.

बिना यात्रा के भी हो सकता है 'इंटरनल जेट लैग' से डिप्रेशन का खतरा, स्टडी में हुआ खुलासा
सिडनी विश्वविद्यालय के एक नए शोध ने चौंकाने वाला खुलासा किया है.

जेट लैग आमतौर पर लंबी उड़ानों के बाद होता है. यह एक स्लीप डिसऑर्डर है, जो थकान और पाचन समस्याएं पैदा करता है. यह शरीर की इंटरनल बायोलॉजिकल क्लॉक, यानी सर्कैडियन रिदम के नए समय क्षेत्र के साथ तालमेल न बैठने से होता है. लेकिन, सिडनी विश्वविद्यालय के एक नए शोध ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि बिना यात्रा किए भी ‘इंटरनल जेट लैग' की समस्या हो सकती है, जो डिप्रेशन और अन्य मानसिक समस्याओं की वजह बन सकती है.

यह भी पढ़ें: पेट की गंदगी साफ करने का रामबाण घरेलू उपाय, बस रात को पानी में मिलाकर पी लीजिए ये 2 चीज

किन लोगों पर की गई स्टडी

सिडनी विश्वविद्यालय के शोधकर्ता जोआन कारपेंटर ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के उन युवाओं पर अध्ययन किया गया जो मेंटल हेल्थ सर्विस के लिए आए थे. हैरानी की बात यह थी कि इनमें से कुछ लोगों में जेट लैग जैसे लक्षण दिखे, जबकि उन्होंने कोई यात्रा नहीं की थी. शोध में शरीर के तापमान, कोर्टिसोल और मेलाटोनिन लेवल का विश्लेषण किया गया, जो सर्कैडियन रिदम को कंट्रोल करते हैं. यह रिदम नींद और जागने जैसे 24 घंटे के सर्कल को संचालित करता है.

हवाई यात्रा से समय क्षेत्र बदलने पर सर्कैडियन रिदम तुरंत नहीं बदलता

अमेरिकी नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में छपे एक लेख के अनुसार, मानव शरीर की सर्कैडियन रिदम नींद और जागने के चक्र को कंट्रोल करती है, जो मेलाटोनिन और शरीर के तापमान से प्रभावित होती है. रात में मंद प्रकाश मेलाटोनिन बढ़ाता है, जिससे नींद आती है और तापमान कम होने से सतर्कता घटती है. सुबह मेलाटोनिन कम होता है, तापमान बढ़ता है, जिससे जागृति बढ़ती है. उज्ज्वल प्रकाश इस चक्र को संशोधित करता है, लेकिन हवाई यात्रा से समय क्षेत्र बदलने पर यह रिदम तुरंत नहीं बदलता. इससे जेट लैग होता है, जिसके लक्षणों में दिन में नींद, मूड बदलाव, पाचन समस्याएं और अनिद्रा शामिल हैं.

यह भी पढ़ें: खाली पेट इस पौधे की पत्तियां चबाने से जो होगा आपने कभी सोचा भी नहीं होगा, इन बीमारियों से मिलती है राहत

स्टडी में क्या पाया गया?

अध्ययन में पाया गया कि 23 प्रतिशत मरीजों में ‘इंटरनल जेट लैग' था, यानी उनकी बायोलॉजिकल क्लॉक में गड़बड़ी थी. यह स्थिति डिप्रेशन, मेनिया या बाइपोलर डिसऑर्डर जैसी मानसिक समस्याओं से जुड़ी हो सकती है. डिप्रेशन में लगातार उदासी, मेनिया में अत्यधिक खुशी और बाइपोलर डिसऑर्डर में दोनों का मिश्रण देखा जाता है.

शोध के अनुसार, सर्कैडियन रिदम में गड़बड़ी इन डिसऑर्डर को बढ़ा सकती है. यह खोज मानसिक स्वास्थ्य के इलाज में नई दिशा देती है. शोधकर्ताओं का कहना है कि मूड डिसऑर्डर के इलाज में बायोलॉजिकल क्लॉक को ठीक करना जरूरी है. इसके लिए लाइट थेरेपी, नियमित नींद का समय और मेलाटोनिन सप्लीमेंट जैसे उपाय मददगार हो सकते हैं. युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़ते मामलों के बीच यह शोध बड़ी मदद कर सकती है.

Asthma Treatment | अस्थमा: लक्षण, कारण, इलाज | Asthma/Dama ke Lakshan, Ilaj

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Internal Jet Lag Depression Link, Circadian Rhythm Mental Health, Body Clock Misalignment Symptoms, Depression Without Travel Cause, Jet Lag Effect Without Flying, Melatonin Cortisol Imbalance, Brain Health Circadian Disruption, University Of Sydney Jet Lag Study, Sleep Cycle And Mood Disorders, Early Body Temperature Depression, Internal Jet Lag Youth Study, Non-travel Jet Lag Depression, Circadian Misalignment Mental Illness, Biological Clock And Depression, Jet Lag Symptoms Without Travel
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com