Natural Diabetes Remedy: डायबिटीज आज की सबसे तेजी से बढ़ती बीमारियों में से एक है. यह सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर करती जाती है. लंबे समय तक शुगर कंट्रोल में न रहने पर आंखों, किडनी, दिल और नर्व्स तक पर असर पड़ सकता है. यही वजह है कि डायबिटीज के मरीजों को सिर्फ दवाओं पर नहीं, बल्कि सही खानपान, एक्टिव लाइफस्टाइल और प्राकृतिक उपायों पर भी ध्यान देना जरूरी होता है.
भारत में आयुर्वेद और नेचुरोपैथी की परंपरा बहुत पुरानी है. यहां ऐसे कई पेड़-पौधे और जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं, जो ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद कर सकती हैं. इन्हीं में से एक खास पौधा है इंसुलिन प्लांट, जिसे आजकल लोग घरों में भी उगाने लगे हैं. माना जाता है कि यह पौधा ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में सहायक होता है और डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.
ये भी पढ़ें: सर्दी के मौसम में खांसी और जुकाम ने कर दिया है दुखी? इस सीक्रेट मेथड से पा सकते हैं राहत
इंसुलिन प्लांट क्या है? | What is An Insulin Plant?
इंसुलिन प्लांट को कई जगह शुगर प्लांट भी कहा जाता है. यह एक सजावटी और औषधीय पौधा है, जो नर्सरी में आसानी से मिल जाता है और घर पर गमले में भी उगाया जा सकता है. इसकी पत्तियों को डायबिटीज में उपयोगी माना जाता है.
सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा के अनुसार, इंसुलिन प्लांट सिर्फ डायबिटीज ही नहीं, बल्कि इंसुलिन रेजिस्टेंस, पीसीओएस (PCOS) और वजन घटाने की प्रक्रिया में भी मददगार हो सकता है.

Photo Credit: Unsplash
इंसुलिन प्लांट कैसे करता है काम?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इंसुलिन प्लांट की पत्तियों में क्लोरोजेनिक एसिड पाया जाता है. यह तत्व शरीर की कोशिकाओं को ग्लूकोज बेहतर तरीके से सोखने में मदद करता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल संतुलित रहता है. इसके अलावा यह इंसुलिन बनाने और उसके असर को बेहतर बनाने में भी सहायक माना जाता है.
यह पौधा पैनक्रियास की बीटा कोशिकाओं को हेल्दी रखने में मदद कर सकता है. बीटा कोशिकाएं ही शरीर में इंसुलिन बनाती हैं, इसलिए इनका सही तरह से काम करना डायबिटीज कंट्रोल के लिए बहुत जरूरी है.
ये भी पढ़ें: भीड़ में तन्हा शहर! अकेलापन दूर करने का नया ट्रेंड, दिल्ली गुरुग्राम में किराए पर मिलने लगे संगी-साथी
सेवन का सही तरीका क्या है?
- सुबह खाली पेट 1 से 2 ताजी पत्तियां अच्छी तरह चबाकर खाएं.
- पत्तियां खाने के बाद कम से कम 30 मिनट तक कुछ न खाएं.
- शुरुआत कम मात्रा से करें और शरीर का रिएक्शन देखें.
कुछ रिसर्च में इंसुलिन प्लांट के शुगर कम करने वाले गुणों की पुष्टि हुई है, लेकिन हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है.
जरूरी सावधानियां:
- जो मरीज पहले से डायबिटीज की दवाएं या इंसुलिन ले रहे हैं, वे डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन न करें.
- ब्लड शुगर की रेगुलर जांच करते रहें.
- ज्यादा मात्रा में सेवन करने से हाइपोग्लाइसीमिया (शुगर बहुत कम होना) का खतरा हो सकता है.
सिर्फ पौधा नहीं, लाइफस्टाइल भी बदलिए
विशेषज्ञ मानते हैं कि डायबिटीज कंट्रोल के लिए कोई एक उपाय काफी नहीं होता. इसके लिए लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी है.
- हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और कम मीठा शामिल करें.
- रोजाना तेज चलना, योग या साइकिलिंग करें.
- 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें.
- तनाव कम करने के लिए ध्यान और प्राणायाम करें.
इंसुलिन प्लांट डायबिटीज कंट्रोल में एक सहायक प्राकृतिक विकल्प हो सकता है. लेकिन, इसे इलाज का एकमात्र तरीका नहीं माना जाना चाहिए. सही जानकारी, डॉक्टर की सलाह और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर डायबिटीज को बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं