चिलचिलाती गर्मी, तपन और लू ने सभी की हालत खराब कर रखी है. मई के महीने में उत्तर से लेकर मध्य भारत तक सूरज का रौद्र रूप दिखने लगा है. देश के कई हिस्सों में धरती तवे की तरह तप रही है और आसमान से आग बरस रही है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के लिए भयंकर हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी कर दिया है. हालात ये हैं कि देश के कुछ हिस्सों में पारा 46 से 48 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है.
अचानक क्यों बढ़ गई इतनी गर्मी?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा का रुख बदलने की वजह से अचानक मौसम इतना गर्म हो गया है. अभी तक ठंडी और नमी वाली हवाएं चल रही थीं, लेकिन अब उनकी जगह पाकिस्तान और राजस्थान की तरफ से आने वाली सूखी और बेहद गर्म पछुआ हवाओं ने ले ली है. ये हवाएं अपने साथ जरा भी नमी नहीं लातीं, जिसकी वजह से तापमान तेजी से ऊपर भाग रहा है. इसे आप ऐसे समझ सकते हैं जैसे किसी ने उत्तर भारत की तरफ एक बहुत बड़ा 'हेयर ड्रायर' चालू कर दिया हो.

इन राज्यों में भी रेड और ऑरेंज अलर्ट जैसी स्थिति-
मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों यानी 23 मई तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के लिए भी लू की चेतावनी जारी की है. राजस्थान के कुछ इलाकों में तो पारा 48 डिग्री के नजदीक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है.
हरियाणा पंजाब में लू से बचने के लिए किन देसी ड्रिंंक्स का सहारा लेते हैं लोग
- लस्सी
- छाछ
- सत्तू का शरबत
- आम पन्ना
लू से बचने के लिए राजस्थान ड्रिंंक्स
- बाजरे की राबड़ी
- कैरी पन्ना
- इमली का पानक
- बेल का शरबत
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ की गर्मी से बचाएंगी ये देसी ड्रिंंक्स
- मसाला छाछ
- कंद-मूल से बनने वाला तिखुर का शरबत
- सत्तू का शरबत
यूपी और दिल्ली का हाल सबसे बुरा-
दिल्ली-NCR में सोमवार, 18 मई से गर्मी का भयंकर दौर शुरू हो चुका है. मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है और आशंका जताई है कि इस हफ्ते दिल्ली का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.
उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां हालात और भी गंभीर हैं. यूपी का बांदा जिला इस समय सबसे गर्म इलाकों में से एक बन गया है, जहां पारा 46.4 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया जा चुका है. झांसी में 44.6 डिग्री, प्रयागराज में 44.5 डिग्री और वाराणसी में तापमान 43 डिग्री से ऊपर चल रहा है. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 3 से 4 दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है.
सिर्फ दिन ही नहीं, अब रातें भी करेंगी परेशान-
मौसम विभाग के मुताबिक, सिर्फ दिन का तापमान ही नहीं, बल्कि रात का तापमान भी सामान्य से ज्यादा रहने वाला है. जब रातें भी गर्म होती हैं, तो इंसानी शरीर को दिनभर की तपिश से उबरने का मौका नहीं मिल पाता. यह स्थिति बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बाहर काम करने वाले मजदूरों के लिए बहुत खतरनाक हो सकती है.
कब आएगा मानसून?
इस भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने एक राहत भरी खबर भी दी है. आईएमडी के मुताबिक, इस साल केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने सही समय से थोड़ा पहले यानी 26 मई को दस्तक दे सकता है. हालांकि, उत्तर और मध्य भारत के लोगों को मानसून की फुहारों के लिए अभी जून के आखिर तक का इंतजार करना होगा.
गर्मी से बचने के लिए टिप्स-
- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब धूप सबसे तेज होती है, तब बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें.
- प्यास न भी लगी हो, तब भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें.
- नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ या ओआरएस (ORS) का घोल पीते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो.
- बाहर निकलते समय हमेशा हल्के रंग के ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें और सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें.
हीटवेव (लू) क्या होती है?
हीटवेव वह स्थिति होती है जब किसी क्षेत्र का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ जाता है. भारत में मैदानी इलाकों में यह तब माना जाता है जब तापमान 40°C या उससे अधिक हो जाए, जबकि 45°C या उससे ऊपर होने पर इसे गंभीर हीटवेव कहा जाता है.
हीटवेव के दौरान सबसे बड़ा खतरा क्या होता है?
हीटवेव के दौरान शरीर में पानी की कमी, हीट एक्सॉस्टशन और हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा होता है. लंबे समय तक तेज गर्मी में रहने से शरीर का तापमान नियंत्रण बिगड़ सकता है और यह जानलेवा भी हो सकता है.
हीट स्ट्रोक क्या होता है?
हीट स्ट्रोक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें शरीर का तापमान 40°C से ज्यादा हो जाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता. समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा हो सकता है.
हीटवेव के दौरान किन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए?
अगर आपको ये लक्षण दिखें तो तुरंत सावधान हो जाएं:
- सिरदर्द और चक्कर
- कमजोरी या बेहोशी
- उल्टी या जी मिचलाना
- तेज बुखार या शरीर गर्म होना
- मांसपेशियों में ऐंठन
ये लक्षण हीट एक्सॉस्टशन या हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं.
गर्मी और लू से बचने के लिए क्या करें?
हीटवेव से बचने के लिए एक्सपर्ट्स ये सलाह देते हैं:
- खूब पानी और तरल पदार्थ पिएं
- दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर जाने से बचें
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- छाता या टोपी का इस्तेमाल करें
- ORS, नींबू पानी, छाछ जैसे ड्रिंक्स लें
किन लोगों को हीटवेव से ज्यादा खतरा होता है?
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, और पहले से बीमार लोगों को हीटवेव में ज्यादा खतरा रहता है. इनके शरीर की गर्मी झेलने की क्षमता कम होती है.
हीटवेव के दौरान क्या खाना और क्या नहीं खाना चाहिए?
क्या खाएं:
पानी वाले फल (तरबूज, खीरा)
छाछ, नारियल पानी
क्या न खाएं:
ज्यादा मसालेदार और तला-भुना खाना
शराब, चाय और ज्यादा कॉफी
यह चीजें शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती हैं और heat stress बढ़ा सकती हैं.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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