विज्ञापन

जोड़ों की जकड़न का देसी इलाज? एंकल मूवमेंट से पाएं दर्द-राहत और बेहतर स्टेबिलिटी

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, टखनों (एंकल) की आसान गतिविधियां मात्र कुछ मिनटों में फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाती हैं, ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती हैं और जोड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं. ये आसान टेक्नीक खासकर उन लोगों के लिए और भी फायदेमंद है, जो लंबे समय तक बैठे या खड़े रहते हैं.

जोड़ों की जकड़न का देसी इलाज? एंकल मूवमेंट से पाएं दर्द-राहत और बेहतर स्टेबिलिटी
सिर्फ 5 मिनट का एंकल मूवमेंट, जोड़ों की अकड़न और दर्द को कहेगा अलविदा

Exercise For Ankle : घर या ऑफिस में कुर्सी पर घंटों एक ही पोस्चर पर बैठे रहने या अनियमित दिनचर्या की वजह से पीठ, कमर, कंधों और टखनों में जकड़न और दर्द आम समस्या बन गई है. छोटी-छोटी एक्सरसाइज से शरीर के लचीलापन और रक्त संचार में सुधार हो सकता है. टखनों की सरल मूवमेंट (एंकल मूवमेंट) ऐसी ही एक आसान और प्रभावी एक्सरसाइज है. भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा सुझाए गए इस व्यायाम को मात्र 3-5 मिनट में किया जा सकता है. यह टखनों, पैरों में खून का बहाव बढ़ाता है, अकड़न दूर करता है और पूरे शरीर का बैलेंस बेहतर बनाता है. घर या ऑफिस में कुर्सी पर बैठे-बैठे भी इसे आसानी से किया जा सकता है.

टखनों के लिए एक्सरसाइज

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, टखनों (एंकल) की आसान गतिविधियां मात्र कुछ मिनटों में फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाती हैं, ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती हैं और जोड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं. ये आसान टेक्नीक खासकर उन लोगों के लिए और भी फायदेमंद है, जो लंबे समय तक बैठे या खड़े रहते हैं. टखनों की ये मूवमेंट्स अकड़न कम करती हैं, पैरों के जोड़ों को सही करती और पूरे शरीर का बैलेंस सुधारती है. नियमित अभ्यास से टखनों की रेंज ऑफ मोशन बढ़ती है, जिससे चलना-फिरना आसान होता है, गिरने का खतरा कम होता है और रोजमर्रा के कामों में सुविधा मिलती है.

ये भी पढ़ें: मोबाइल ने छीना बचपन! बच्चों को फोन देना बन रहा है सेहत का सबसे बड़ा दुश्मन, स्टडी में बड़ा खुलासा

एंकल मूवमेंट की टेक्नीक भी आसान है. यह व्यायाम खड़े होकर आसानी से किया जा सकता है. इसके लिए दोनों पैरों को एक साथ जोड़कर सीधे खड़े हो जाएं. शरीर को संतुलित रखें और हाथों को कमर पर या साइड में रखें. दाएं पैर को थोड़ा आगे की ओर खींचें और जमीन से लगभग 9 इंच (लगभग 22-25 सेमी) ऊपर उठाएं. पैर को हल्के से ऊपर-नीचे (पॉइंट और फ्लेक्स) करें, फिर दाएं-बाएं घुमाएं. इसके बाद पैर को गोल-गोल घुमाएं. पहले क्लॉकवाइज फिर एंटी-क्लॉकवाइज में 5-10 बार करें. इस दौरान गति धीमी और नियंत्रित रखें.

यह अभ्यास मात्र 3-5 मिनट में पूरा हो जाता है. इसे सुबह उठते ही या दिन में कभी भी कर सकते हैं. शुरुआत में अगर संतुलन में दिक्कत हो तो दीवार या कुर्सी का सहारा लें. इससे टखनों और पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं. रक्त संचार बढ़ने से पैरों में थकान और सूजन कम होती है. जोड़ों का लचीलापन बढ़ता है, जिससे घुटनों और कूल्हों पर भी कम दबाव पड़ता है. बैलेंस बेहतर होने से बुजुर्गों में गिरने का जोखिम घटता है.

Gurudev Sri Sri Ravi Shankar on NDTV: Stress, Anxiety, से लेकर Relationship, Spirituality तक हर बात

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com