ज्यादातर डिलीवरी के मामलों में अक्सर यह देखा जाता है कि सारा ध्यान नवजात बच्चे की देखभाल पर चला जाता है और इस चक्कर मे नई मां की तबियत नजरअंदाज हो जाती है. अमेरिका जैसे विकसित देश मे भी यह एक बहुत बडी समस्या है, जहा प्रसव के बाद होने वाली जटिलताओ की वजह से हर साल सैकड़ों महिलाओं की जान चली जाती है. अब इसी खतरे से निपटने के लिए अमेरिकी अस्पताल में एक बेहद अनोखी और साधारण सी तकनीक अपनाई जा रही है - सिलिकॉन का एक छोटा सा रिस्ट बैंड जिस पर लिखा होता है "I Gave Birth".
अमेरिका में करीब 80 फीसदी मैटरनल डेथ्स ऐसी होती है जिन्हें सही समय पर सही इलाज देकर रोका जा सकता है. यह रिस्ट बैंड न केवल नई माताओं को उनकी सेहत के प्रति सचेत रखता है, बल्कि इमरजेंसी के समय डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियो को भी तुरंत अलर्ट कर देता है कि महिला ने हाल ही मे डिलीवरी कराई है.
एक छोटे से बैंड से कैसे बच रही है जान?
अमेरिका मे सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के आंकडे बताते हैं कि प्रेग्नेंसी से जुड़ी लगभग 70 फीसदी मौतें डिलीवरी के दिन के बाद होती है, और करीब 40 फीसदी मौतें तो बच्चे के जन्म के छह हफ्ते बाद पेश आती है.
डिलीवरी के बाद कैसे दिखते थे लक्षण
- डिलीवरी के हफ्तों बाद जब किसी महिला को अचानक बहुत तेज सिरदर्द
- सीने मे दर्द
- सांस फूलना
- तेज ब्लीडिंग या इन्फेक्शन की दिक्कत होती है
तो कई बार इमरजेंसी वार्ड के स्टाफ को यह तुरंत पता नही चल पाता कि मरीज हाल ही में मां बनी है.
ऐसे में यह रिस्ट बैंड पैरामेडिक्स और ईआर (Emergency Room) स्टाफ के लिए एक विजुअल अलर्ट का काम करता है. इसे देखकर डॉक्टर बिना देर किए पोस्टपार्टम कॉम्प्लिकेशन्स की जांच शुरु कर देते है, जिससे जानलेवा खतरे टल जाते है.
नॉर्थ कैरोलिना से शुरू हुई यह अनोखी मुहिम
इस पहल की शुरुआत साल 2021 मे नॉर्थ कैरोलिना के ECU Health ने की थी. उस समय कोरोना महामारी के दौरान मातृत्व मृत्यु दर तेजी से बढ रही थी. अस्पताल मे डिलीवरी के बाद डिस्चार्ज होते वक्त मां के हाथ मे यह ब्रेसलेट पहना दिया जाता है और उन्हे कुछ हफ्तों या महीनो तक इसे पहने रखने की सलाह दी जाती है. साथ ही उन्हे गाइडबुक देकर समझाया जाता है कि कौन से लक्षण दिखने पर फौरन डॉक्टर के पास भागना है.
शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, नॉर्थ कैरोलिना के ग्रीनविले स्थित ईसीयू हेल्थ मेडिकल सेंटर मे इस मुहिम के बाद महिलाओं के दोबारा गंभीर हालत मे अस्पताल मे भर्ती होने की दर मे करीब एक-तिहाई की कमी दर्ज की गई. अब नॉर्थ कैरोलिना के लगभग 50 अस्पतालो के अलावा कनेक्टिकट, जॉर्जिया, मिसिसिपी और करीब 24 अन्य राज्यो के हेल्थ सिस्टम ने भी इसे अपना लिया है.
क्या सिर्फ एक बैंड से हल हो जाएगा मातृत्व संकट?
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिस्ट बैंड एक बेहतरीन और सस्ता टूल जरूर है, लेकिन यह अमेरिका के गहरे मैटरनल हेल्थ क्राइसिस का अकेला हल नही हो सकता.
सीएनएन में छपी एक रिपोर्ट में अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्सटेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स फाउंडेशन की डॉक्टर तमिका ऑगस्टे का कहना है कि यह बैंड पोस्टपार्टम हेल्थ को लेकर जागरुकता फैलाने मे बहुत मददगार है, लेकिन देश मे स्वास्थ्य नीतियो और मेडिकल फंडिंग को मजबूत किए बिना इस संकट को पूरी तरह खत्म नही किया जा सकता. अमेरिका में करीब 80 फीसदी मैटरनल डेथ्स ऐसी होती है जिन्हें सही समय पर सही इलाज देकर रोका जा सकता है.
दूसरी तरफ कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि जिन महिलाओं ने डिलीवरी के दौरान अपने बच्चे को खो दिया है, उनके लिए ऐसा रिस्ट बैंड पहनना मानसिक रूप से बहुत दुखद हो सकता है. इसलिए उन्हें मानसिक और सामाजिक सपोर्ट देना भी उतना ही जरूरी है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का साफ कहना है कि रिस्ट बैंड जैसी पहले मां को यह अहसास दिलाने के लिए बेहद जरूरी है कि बच्चे के जन्म के बाद उसकी खुद की जिंदगी भी उतनी ही कीमती है.
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