Heatwave Alert FAQ: दिल्ली-NCR में इस समय भीषण गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है. दिल्ली, नोएडा, गुरूग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत पूरे एनसीआर (NCR) में हीटवेव का असर लगातार बना हुआ है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी थी कि दिल्ली का तापमान गुरुवार को 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.
दिल्ली-NCR में 46 डिग्री की झुलसाती गर्मी के बीच लोग सिर्फ असहज ही नहीं, बल्कि बीमार भी पड़ रहे हैं… डॉक्टरों के मुताबिक इस मौसम में छोटी-सी लापरवाही भी हीट स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्या बन सकती है.
मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों के लिए दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसका मतलब है कि गर्मी का असर काफी ज्यादा रहेगा और लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-NCR में दिन के साथ-साथ रातें भी काफी गर्म हो रही हैं. बढ़ती गर्मी को देखते हुए IMD ने बुधवार को येलो अलर्ट को बढ़ाकर ऑरेंज अलर्ट कर दिया.
क्या होता है IMD का ऑरेंज अलर्ट?
ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति खतरनाक हो सकती है और लोगों को पहले से तैयार रहने की जरूरत है. इस दौरान बच्चों, बुजुर्गों, बाहर काम करने वालों और पहले से बीमार लोगों में हीट स्ट्रोक या गर्मी से जुड़ी परेशानियों का खतरा ज्यादा रहता है.
लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर के समय बेवजह बाहर न निकलें, शरीर में पानी की कमी न होने दें और ज्यादा मेहनत वाले कामों से बचें.
Heatwave Health FAQ: लू, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से जुड़े जरूरी सवाल
अगर आप भी इस भीषण गर्मी में परेशान हैं, तो ये सवाल आपके लिए जानना बेहद जरूरी हैं…
1. दिल्ली-NCR में इतनी ज्यादा गर्मी क्यों पड़ रही है?
जवाब- इस समय दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत पूरे NCR में हीटवेव का असर बना हुआ है. तेज धूप, गर्म हवाएं और लगातार बढ़ता तापमान लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है.
2. दिल्ली का तापमान कितना पहुंच सकता है?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक दिल्ली का तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. अगले कुछ दिनों तक तापमान 44-46 डिग्री के बीच बना रह सकता है.
3. IMD का Orange Alert क्या होता है?
ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति खतरनाक हो सकती है और लोगों को सावधान रहने की जरूरत है. इस दौरान हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और गर्मी से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
4. किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है?
बच्चों, बुजुर्गों, बाहर काम करने वालों और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. इन लोगों पर गर्मी का असर जल्दी पड़ सकता है.
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5. लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
- दोपहर में बेवजह घर से बाहर न निकलें
- खूब पानी पिएं
- ज्यादा मेहनत वाले कामों से बचें
- हल्के और कॉटन के कपड़े पहनें
- धूप में निकलते समय छाता या कैप का इस्तेमाल करें
6. क्या अगले कुछ दिनों में गर्मी से राहत मिलेगी?
फिलहाल मौसम विभाग ने राहत के कोई संकेत नहीं दिए हैं. IMD के अनुसार 26 मई तक हीटवेव का असर जारी रह सकता है.
7. क्या सिर्फ दिल्ली में ही Heatwave का असर है?
नहीं, दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी तेज लू चलने की संभावना जताई गई है.
8. दिल्ली में “सबसे गर्म रात” क्यों चर्चा में है?
दिल्ली में मई महीने की सबसे गर्म रात दर्ज की गई, जहां रात का तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस रहा. पिछले 14 साल में इतनी गर्म रात नहीं देखी गई थी.
1. क्या रात की गर्मी (Warm Night) भी नुकसान करती है?
हाँ, रात की गर्मी भी खतरनाक होती है क्योंकि: शरीर को ठंडा होने का मौका नहीं मिलता, नींद खराब होती है, दिल और शरीर पर दबाव बढ़ता है और डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है.
10. “Warm Night” किसे कहा जाता है?
IMD के अनुसार जब दिन का तापमान 40 डिग्री या उससे ज्यादा हो और रात का तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री ज्यादा रहे, तब उसे “वॉर्म नाइट” कहा जाता है.
11. देश में सबसे ज्यादा तापमान कहां रिकॉर्ड हुआ?
उत्तर प्रदेश के बांदा में बुधवार को 48 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो देश में सबसे ज्यादा रहा.
12. हीटवेव में सबसे बड़ा खतरा क्या होता है?
सबसे बड़ा खतरा डिहाइड्रेशन, हीट एक्जॉशन और हीट स्ट्रोक का होता है.
13. डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
- बहुत ज्यादा प्यास लगना
- चक्कर और कमजोरी
- सूखा मुंह
- गहरी पीली यूरिन
- थकान और सिरदर्द
14. हीटवेव शरीर पर कैसे असर डालती है?
जब तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए पसीना और ब्लड फ्लो बढ़ाता है। लेकिन ज्यादा गर्मी में यह सिस्टम फेल होने लगता है और शरीर तेजी से ओवरहीट हो सकता है.
15. हीट स्ट्रोक के लक्षण क्या होते हैं?
- शरीर का तापमान 40°C या उससे ज्यादा
- कंफ्यूजन या बेहोशी
- तेज हार्टबीट
- उल्टी या चक्कर
- गर्म और सूखी त्वचा
यह मेडिकल इमरजेंसी है, तुरंत इलाज जरूरी है.
16. हीट एक्सॉशन और हीट स्ट्रोक में क्या फर्क है?
हीट एक्सॉशन:कमजोरी, पसीना, चक्कर
हीट स्ट्रोक: दिमाग पर असर, बेहोशी, शरीर का कंट्रोल खत्म
अगर समय पर इलाज न हो तो हीट एक्सॉशन हीट स्ट्रोक बन सकता है.
17. गर्मी में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट क्यों हो जाता है?
ज्यादा गर्मी में शरीर लगातार पसीना निकालता है, जिससे पानी के साथ-साथ सॉल्ट और इलेक्ट्रोलाइट्स भी कम हो जाते हैं, और डिहाइड्रेशन हो जाता है.
18. हीटवेव में कितनी पानी पीना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार:प्यास लगने का इंतजार न करें, बार-बार पानी पिएं, जरूरत पड़े तो ORS या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक लें.
19. क्या सिर्फ पानी पीना काफी है?
नहीं, बहुत ज्यादा पसीना आने पर शरीर से नमक और मिनरल्स भी निकल जाते हैं. ऐसे में ORS, नींबू पानी, छाछ जैसे ड्रिंक्स भी जरूरी हैं.
20. हीटवेव से बचने का सबसे आसान तरीका क्या है?
- दोपहर में बाहर न निकलें
- ढीले और कॉटन कपड़े पहनें
- छांव में रहें
- शरीर को ठंडा रखें
- पानी और तरल चीजें ज्यादा लें
सही सावधानी से हीट स्ट्रोक का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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