कोविड के बाद अब निपाह वायरस ने सनसनी पैदा कर दी है. कोझिकोड जिले से दो "अप्राकृतिक मौतों" के बाद केरल सरकार ने घातक निपाह वायरस की जांच के लिए पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में 5 सेम्पल भेजे हैं. निपाह वायरस संक्रमण के कारण होने की आशंका के चलते सोमवार को दो मौतों की सूचना मिलने के बाद जिले भर में हेल्थ अलर्ट जारी किया गया. ऐसे में सवाल ये बनता है कि निपाह वायरस क्या है, कैसे फैलता है और इसका इलाज कैसे किया जा सकता है.
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कैसे फैलता है निपाह वायरस?
निपाह का सोर्स जानवरों को माना जा रहा है. माना जाता है कि चमगादड़ों से वायरस इंसानों में फैलता है. अगर जानवरों से वायरस किसी शख्स में फैल जाता है तो वह शख्स दूसरों को भी संक्रमित कर सकता है.
कितना खतरनाक है ये वायरस?
निपाह वायरस को कम संक्रामक लेकिन ज्यादा घातक माना जा रहा है. इससे बहुत कम लोग संक्रमित हो सकते हैं, लेकिन मृत्यु दर बहुत ज्यादा है. इसकी वायरस से मृत्यु दर 45 से 70 फीसदी तक मानी जा रहा है.
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निपाह वायरस का इलाज क्या है?
निपाह का पहला मामला 1999 में सामने आया था, लेकिन अब तक ना तो उसके इलाज की कोई दवा है न इसकी रोकथाम के लिए कोई वैक्सीन बन पाई है. अभी निपाह का इलाज सिर्फ सावधानी बरतना ही माना जा रहा है. अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, तो इस वायरस की चपेट में आने से बचा जा सकता है. चमगादड़ और सूअर के संपर्क में आने से बचें, जमीन या फिर सीधे पेड़ से गिरे फल ना खाएं, मास्क लगाकर रखें और समय-समय पर हाथ धोते रहें.
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निपाह वायरस के लक्षण
तेज बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश, एटिपिकल निमोनिया जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. वहीं अगर स्थिति ज्यादा गंभीर रही तो इंसान इन्सेफेलाइटिस का भी शिकार हो सकता है और 24 से 48 घंटे में कोमा में जा सकता है.
लक्षण कितने दिन तक बने रह सकते हैं
निपाह वायरस के लक्षण 5 से 14 दिन के भीतर दिख सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में ये 45 दिनों तक खिंच सकता है. ये वायरस से जुड़ा सबसे खतरनाक पहलू है.
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