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This Article is From Dec 18, 2025

Silent Attack से जिद्दी खांसी तक...2025 में इन बीमारियों का रहा प्रकोप, 2026 में भी डर

Health Overview 2025 : साल 2025 में दुनिया ने कई ऐसे खतरनाक बीमारियों का सामना किया, जिन्होंने लोगों को खौफ में जीने के लिए मजबूर कर दिया. आइए जानते हैं कि वो कौन सी 5 बड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जिन्होंने इस साल सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाई-

Silent Attack से जिद्दी खांसी तक...2025 में इन बीमारियों का रहा प्रकोप, 2026 में भी डर
आइए जानते हैं कि वो कौन सी 5 बड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जिन्होंने इस साल सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाई-

Year ender 2025 : 2025 का साल अब खत्म होने की कगार पर है. हम नए साल की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन पीछे मुड़कर देखें तो इस साल कई बीमारियों ने पूरी दुनिया को डर के साये में लाकर खड़ा कर दिया. ये बीमारियां सिर्फ इस साल के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाले साल के लिए भी एक बड़ी चेतावनी हैं. 2025 में दुनिया ने कई ऐसे खतरनाक बीमारियों का सामना किया, जिन्होंने लोगों को खौफ में जीने के लिए मजबूर कर दिया.

आइए जानते हैं कि वो कौन सी 5 बड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जिन्होंने इस साल सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाई-

साइलेंट अटैक ने बनाया युवाओं को शिकार

न्‍यूज एजेंसी आईएएनएस की एक र‍िपोर्ट के मुताब‍िक, इस साल युवाओं में साइलेंट हार्ट अटैक के काफी मामले देखने को मिले. इस साल 25 से लेकर 40 तक के फिट लोगों में साइलेंट हार्ट अटैक से मौत के कई मामले देखे गए. यह यहीं तक सीमित नहीं था, कुछ मामलों में छोटे बच्चे भी साइलेंट हार्ट अटैक के शिकार होते नजर आए. चिंता की बात यह है कि ये मामले उन लोगों में देखने को मिले जो पूरी तरह से स्वस्थ और फिट थे. जो अक्सर जिम जाते थे, उनमें भी इसे देखा गया. जिम करते हुए, डांस करते हुए, चलते हुए, और दफ्तर में काम करते हुए लोग साइलेंट हार्ट अटैक के शिकार हो गए. यह एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है.

सुपर फ्लू और जिद्दी खांसी

सुपर फ्लू और जिद्दी खांसी भी इस साल एक बड़ी बीमारी के तौर पर नजर आई. एक बार अगर किसी को खांसी होती है, तो फिर वह महीनों तक खत्म नहीं होती है. साल 2025 में इन्फ्लूएंजा नाम का वेरिएंट देखा गया, जिसमें बुखार तो कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन खांसी कई हफ्तों तक रह जाती है. डॉक्टरों ने इसे लॉन्ग-लास्टिंग कफ का नाम दिया.

सांस से जुड़ी परेशानी

सांस लेने में तकलीफ होने के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं. बढ़ते प्रदूषण और जहरीली गैस वाली हवा की वजह से लोगों को सांस लेने में काफी परेशानी हो रही है. यह केवल एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया के कई देशों में देखने को मिल रहा है. इसका प्रमुख कारण हवा में फैली जहरीली गैस है.

डेंगू का प्रकोप 

जलवायु में परिवर्तन के बीच डेंगू का प्रकोप भी भारी पड़ रहा है. अक्सर ऐसा देखा जाता था कि बरसात के मौसम में डेंगू के मामले बढ़ते थे और धीरे-धीरे इसका प्रकोप कम हो जाता था. हालांकि, इस साल जलवायु में परिवर्तन की वजह से डेंगू का प्रकोप नवंबर से दिसंबर तक देखने को मिला.

हर वर्ग को फैटी लिवर 

इस साल फैटी लिवर के मामले भी तेजी से देखने को मिल रहे हैं. पहले कहा जाता था कि जो लोग शराब पीते हैं उनका ही लिवर खराब होता है या लिवर में सूजन की समस्या देखने को मिलती है. हालांकि, आज के समय में फैटी लिवर की समस्या हर वर्ग के लोगों में देखने को मिल रही है. इसका मुख्य कारण हमारा खानपान है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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