पंजाबी सिनेमा से लेकर बॉलीवुड और फिर ग्लोबल म्यूजिक स्टेज पर राज करने वाले दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. एक्टर ने खुद एक ऐसा बड़ा हेल्थ सीक्रेट खोला है, जिसे सुनकर उनके फैंस हैरान हैं. दिलजीत पिछले 10 साल से अपने शरीर में एक गंभीर बीमारी लेकर घूम रहे हैं, लेकिन उन्होंने आज तक इसकी सर्जरी नहीं कराई. मजेदार बात ये है कि इस बात की भनक उन्होंने अपने घर वालों तक को भी नहीं लगने दी.
दोस्त की एक सलाह और टाल दी सर्जरी
'चमकीला' फेम एक्टर ने एक हालिया इंटरव्यू में खुलासा किया कि साल 2015 में एक रूटीन मेडिकल चेक-अप के दौरान डॉक्टरों ने उनके गॉल ब्लेडर (पित्ताशय) में 11-12 एमएम की पथरी (Gallbladder Stone) पकड़ी थी. डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत ऑपरेशन कराने को कहा था, मगर तभी उनके एक दोस्त ने उन्हें अजीब सलाह दे डाली.

दिलजीत के मुताबिक, उनके दोस्त ने कहा, "जब पथरी से तुम्हें कोई दिक्कत ही नहीं है, तो पेट में छुरी क्यों चलवा रहे हो?" बस, दोस्त की बात दिलजीत के दिल में बैठ गई और उन्होंने सर्जरी का प्लान हमेशा के लिए टाल दिया क्योंकि उन्हें कभी कोई दर्द महसूस ही नहीं हुआ.
इस मामले पर डॉक्टर एस के सरीन ने एनडीटीवी को बताया कि गॉलब्लैडर की पथरी को बिना लक्षणों के भी इतने लंबे समय तक नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. कई बार लोगों को लगता है कि दर्द नहीं है तो सब ठीक है, लेकिन अंदर ही अंदर यह गंभीर इन्फेक्शन या पैनक्रियाटाइटिस जैसी जानलेवा दिक्कतों का रूप ले सकती है.
| गॉलब्लैडर स्टोन कई बार सालों तक कोई लक्षण नहीं देती |
| बिना जांच यह मान लेना कि पथरी खुद खत्म हो गई, खतरनाक हो सकता है |
| गंभीर मामलों में इंफेक्शन, पैनक्रियाटाइटिस जैसी परेशानी हो सकती है |
| डॉक्टर की सलाह के बिना इलाज टालना सही नहीं |
क्या गॉलब्लैडर की पथरी अपने आप खत्म हो सकती है?
इंटरव्यू के दौरान दिलजीत ने एक और दिलचस्प बात कही. उन्हें लगता है कि शायद इतने सालों में यह पथरी अब अपने आप ही गायब हो चुकी होगी. हालांकि, रिस्क न लेते हुए वो जहां भी जाते हैं, अपने साथ दवाइयों का एक बॉक्स जरूर रखते हैं. इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर फैंस उनके अच्छे स्वास्थ्य की दुआ कर रहे हैं.
क्या बिना दर्द वाली गॉलब्लैडर स्टोन को छोड़ सकते हैं?
वहीं, डॉक्टर सरीन बताते हैं कि-

Dr SK Sarin
गॉलब्लैडर की पथरी: लक्षण, कारण और बचाव के उपाय
दिलजीत दोसांझ के इस खुलासे के बाद हर कोई यह जानना चाह रहा है कि आखिर गॉलब्लैडर की पथरी होती क्यों है और इससे कैसे बचा जा सकता है. आइए एक्सपर्ट्स के नजरिए से इसे आसान भाषा में समझते हैं:
1. गॉलब्लैडर में पथरी होने के लक्षण (Symptoms)
ज्यादातर मामलों में, गॉलब्लैडर की पथरी के लक्षण तब तक नहीं दिखते जब तक कि वह पित्त की नली में रुकावट न पैदा करे. अगर यह समस्या बढ़ती है, तो शरीर में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
- पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में अचानक और तेज दर्द होना.
- पीठ में दोनों कंधों के बीच या दाहिने कंधे में दर्द का फैलना.
- भारी या फैटी भोजन (तला-भुना खाना) खाने के बाद पेट में तेज दर्द और बेचैनी.
- जी मिचलाना, उल्टी होना या बार-बार गैस और बदहजमी की शिकायत.
- गंभीर मामलों में त्वचा और आँखों का पीला पड़ना (पीलिया या जोंडिस) और तेज बुखार आना.
किन लोगों को गॉलब्लैडर स्टोन का खतरा ज्यादा रहता है?
- मोटापा
- हाई कोलेस्ट्रॉल
- फैटी डाइट
- तेजी से वजन घटाना
- कम फाइबर लेना
2. गॉलब्लैडर में पथरी होने के मुख्य कारण (Causes)
पित्ताशय में पथरी बनने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं, जिनमें से प्रमुख ये हैं:
पित्त (Bile) में कोलेस्ट्रॉल की अधिकता: जब लिवर बहुत ज्यादा कोलेस्ट्रॉल बनाने लगता है और पित्त उसे घुला नहीं पाता, तो वह धीरे-धीरे क्रिस्टल का रूप लेकर पथरी बन जाता है.
मोटापा और खराब लाइफस्टाइल: वजन ज्यादा होने या अचानक से बहुत ज्यादा वजन घटाने से भी गॉलब्लैडर के कामकाज पर असर पड़ता है, जिससे पथरी का खतरा बढ़ जाता है.
पानी कम पीना और डाइट: खाने में फाइबर की कमी और बहुत ज्यादा फैटी या प्रोसेस्ड फूड खाने से पाचन बिगड़ता है, जो पथरी का कारण बनता है.
गॉलब्लैडर का पूरी तरह खाली न होना: अगर गॉलब्लैडर समय पर या पूरी तरह से खाली नहीं होता है, तो पित्त गाढ़ा होने लगता है और पथरी का रूप ले लेता है.
3. गॉलब्लैडर की पथरी से बचाव के उपाय (Prevention Tips)
अपनी रोजमर्रा की आदतों में थोड़ा बदलाव करके आप इस गंभीर समस्या से काफी हद तक बच सकते हैं:
- डाइट में फाइबर बढ़ाएं: अपने खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, साबुत अनाज और दालें शामिल करें. फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है.
- हेल्दी फैट्स चुनें: रिफाइंड तेल और डालडा की जगह जैतून का तेल (Olive Oil) या सीमित मात्रा में शुद्ध घी का इस्तेमाल करें. ओमेगा-3 फैटी एसिड वाली चीजें गॉलब्लैडर के लिए अच्छी होती हैं.
- वजन को कंट्रोल में रखें: नियमित एक्सरसाइज या वॉक करें. याद रखें कि वजन धीरे-धीरे और हेल्दी तरीके से घटाएं, क्रैश डाइटिंग (भूखे रहकर वजन घटाना) से बचें.
- खूब पानी पीएं: दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीएं ताकि शरीर के टॉक्सिंस बाहर निकल सकें और पित्त गाढ़ा न हो.
- समय पर खाएं खाना: मील स्किप करने (जैसे नाश्ता या लंच छोड़ना) से गॉलब्लैडर में पित्त जमा रहता है. इसलिए हर दिन एक निश्चित समय पर खाना खाने की आदत डालें.
डॉक्टर एस के सरीन ने एनडीटीवी को यह भी समझाया कि जो लोग दिलजीत की कहानी सुनकर अपनी पथरी का इलाज नहीं करवा रहे हैं, वो सावधान हो जाएं. अगर आपके पेट में पथरी है और लक्षण नहीं भी दिख रहे हैं, तो भी आपको कम से कम रेगुलर अल्ट्रासाउंड कराना चाहिए और डॉक्टर की निगरानी में रहना चाहिए ताकि वक्त रहते सही कदम उठाया जा सके.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं