हाल में आई एक खबर ने सभी को चौंका दिया था, जिसमें एक 28 साल की महिला का थ्रेडिंग कराने के बाद लिवर फेल हो गया. इसके बाद से डॉक्टर्स भी लगातार इस बारे में महिलाओं को चेता रहे हैं. इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर डॉ वैशाली कुकरेजा ने बताया कि इस तरह के मामले से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए. उन्होंने बताया कि आखिर कैसे पार्लर में इस्तेमाल होने वाला थ्रेड लापरवाही से इस्तेमाल किया गया तो ये शरीर को गंभीर बीमारी की चपेट में ला सकता है. साथ ही उन्होंने बताया कि पार्लर विजिट के दौरान हमें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए.
क्या सच में थ्रेडिंग से लिवर फेल हो सकता है?
डॉक्टर वैशाली ने बताया कि थ्रेडिंग करवाना आम तौर पर सुरक्षित है और अंदरूनी अंगों को नुकसान नहीं पहुंचाती है, लेकिन खतरा तब होता है जब सैलून या पार्लर साफ-सफाई पर ध्यान नहीं देते हैं.
एक ही धागे का कई क्लाइंट पर इस्तेमाल करना या हाथों और औजारों को साफ न करना इन्फेक्शन का रास्ता बना सकता है.
थ्रेडिंग के दौरान संक्रमण का खतरा कैसे बढ़ता है?
थ्रेडिंग के दौरान एक छोटा सा कट या स्किन पर हल्की खरोंच भी हेपेटाइटिस B या हेपेटाइटिस C जैसे खून से फैलने वाले वायरस के लिए एंट्री पॉइंट का काम कर सकती है.
ये वायरस हमेशा तुरंत लक्षण नहीं दिखाते हैं और महीनों या सालों तक पता नहीं चल पाते हैं, जिससे लिवर को चुपचाप नुकसान पहुंचता है. समय के साथ, बिना इलाज के क्रोनिक हेपेटाइटिस से लिवर में सूजन, निशान (सिरोसिस), और कुछ दुर्लभ लेकिन गंभीर मामलों में, पूरी तरह से लिवर फेलियर हो सकता है.
हेपेटाइटिस B और C कैसे फैल सकते हैं?
असली खतरा उन सैलून में है जो हाइजीन प्रोटोकॉल को नजरअंदाज करते हैं.
जब थ्रेड्स का दोबारा इस्तेमाल किया जाता है या टूल्स को ठीक से डिसइनफेक्ट नहीं किया जाता है, तो वायरस जिंदा रह सकते हैं और क्लाइंट्स के बीच ट्रांसफर हो सकते हैं.
आइब्रो के आस-पास की स्किन सेंसिटिव होती है और इसमें माइक्रो-टियर्स होने का खतरा होता है, जो इंफेक्शन फैलाने वाले एजेंट्स के लिए गेटवे का काम कर सकता है अगर थ्रेड में खराब खून या बॉडी फ्लूइड्स हों.
पार्लर में कौन सी गलतियां पड़ सकती हैं भारी?
कुछ आम लापरवाहियां संक्रमण के जोखिम को बढ़ा सकती हैं:
- एक ही धागे का कई ग्राहकों पर इस्तेमाल करना.
- थ्रेडिंग से पहले और बाद में हाथों को सैनिटाइज न करना.
- चिमटी, कैंची या अन्य उपकरणों को डिसइन्फेक्ट न करना.
- इस्तेमाल किए गए धागे या उपकरणों को दोबारा उपयोग में लाना.
- चेहरे पर पहले से मौजूद कट, घाव या संक्रमण के बावजूद थ्रेडिंग करना.
- पार्लर में साफ-सफाई और हाइजीन के मानकों की अनदेखी करना.
संक्रमण से बचने के लिए डॉक्टर की 5 जरूरी सलाह
सैलून विजिट के दौरान बेसिक सावधानी बरतने से इन्फेक्शन का खतरा काफी कम हो सकता है. यहां कुछ जरूरी हाइजीन प्रैक्टिस बताई गई हैं जिनका आपको पालन करना चाहिए और अपनी ब्यूटीशियन से इनकी मांग करनी चाहिए:
- हर सेशन के लिए एक नया, बिना इस्तेमाल किया हुआ धागा इस्तेमाल करें.
- पक्का करें कि ब्यूटीशियन के हाथ साफ और सैनिटाइज्ड हों या उसने ग्लव्स पहने हों.
- अपने ग्रूमिंग टूल्स, खासकर चेहरे की देखभाल के लिए, खुद लाने के बारे में सोचें
- लंबे समय तक सुरक्षा के लिए हेपेटाइटिस B का टीका लगवाएं
- अपने शरीर पर ध्यान दें, अगर आपको थकान, पीली आंखें या गहरे रंग का यूरिन जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें
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