Budget 2026: केंद्रीय बजट देश की जरूरतों और सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर सामने रखता है. हाल के सालों में यह साफ महसूस किया गया है कि मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ-साथ मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है. इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए बजट में हेल्थ सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया गया है. संसद में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि देश के सभी जिलों के अस्पतालों में इमरजेंसी वार्ड और ट्रॉमा सेंटर बनाए जाएंगे. यह फैसला आम लोगों के लिए राहत भरा और बेहद अहम माना जा रहा है.
इमरजेंसी वार्ड क्यों जरूरी हैं?
अचानक बीमारी, हार्ट अटैक, एक्सीडेंट या गंभीर चोट की स्थिति में सबसे ज्यादा जरूरत तुरंत इलाज की होती है. अभी कई जिलों में मरीजों को प्राथमिक इलाज के बाद बड़े शहरों में रेफर करना पड़ता है, जिससे समय और जान दोनों का नुकसान होता है. इमरजेंसी वार्ड बनने से मरीज को तुरंत इलाज मिलेगा और गंभीर स्थिति को संभालना आसान होगा.
ट्रॉमा सेंटर से बचेगी अनमोल जिंदगियां
सड़क हादसे, औद्योगिक दुर्घटनाएं और आपदाओं के मामलों में ट्रॉमा सेंटर की भूमिका बेहद अहम होती है. यहां विशेष डॉक्टर, प्रशिक्षित स्टाफ और आधुनिक उपकरण उपलब्ध होते हैं. हर जिले में ट्रॉमा सेंटर बनने से गंभीर रूप से घायल मरीजों को गोल्डन ऑवर में इलाज मिल सकेगा, जो जान बचाने में सबसे अहम समय होता है.

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ग्रामीण और छोटे शहरों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
इस फैसले से ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में रहने वाले लोगों को सबसे बड़ा लाभ मिलेगा. अब बेहतर इलाज के लिए लंबी दूरी तय करने की मजबूरी कम होगी. इससे न सिर्फ मरीजों का खर्च घटेगा, बल्कि जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा.
हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर होगा मजबूत
इमरजेंसी वार्ड और ट्रॉमा सेंटर के साथ अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल सुविधाओं में भी सुधार होगा. यह कदम भारत के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकता है.
बजट में हेल्थ सेक्टर पर दिया गया यह जोर दिखाता है कि सरकार अब इलाज को सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखना चाहती. हर जिले में इमरजेंसी वार्ड और ट्रॉमा सेंटर बनना आम नागरिकों के लिए सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य भविष्य की ओर एक मजबूत कदम है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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