दिनभर दफ्तर में घंटों कंप्यूटर पर काम करने से हमारी रीढ़ की हड्डी कमजोर होना एक आम समस्या है. ऐसे में योग हमारे लिए संजीवनी का काम कर रहा है. भुजंगासन योग के उन चुनिंदा आसनों में से एक है जो रीढ़ की हड्डी को सही करने में कारगर है. यह पाचन सुधारने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाता है.
क्या है भुजंगासन या कोबरा पोज?
भुजंगासन को अंग्रेजी में 'कोबरा पोज' भी कहते हैं. दरअसल, इस आसन को करने के दौरान धड़ का पोज फन फैलाए हुए सांप की तरह होता है, और यही इसकी खास पहचान है. भुजंगासन कोई साधारण योगासन नहीं है, यह पैरों की उंगलियों से लेकर सिर तक शरीर के हर हिस्से पर असर डालता है. यह आसन न सिर्फ शरीर को बल्कि मन को भी शांत और ऊर्जावान बनाता है. भुजंगासन कोई साधारण योगासन नहीं है, यह पैरों की उंगलियों से लेकर सिर तक शरीर के हर हिस्से पर असर डालता है.
रीढ़ की हड्डी और कमर दर्द के लिए कैसे फायदेमंद है यह आसन?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, भुजंगासन (कोबरा पोज) पेट के बल लेटकर किया जाने वाला एक प्रमुख योगासन है. यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाता, पाचन में सुधार करता, पीठ दर्द से राहत देता और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाकर श्वास संबंधी समस्याओं में फायदेमंद है.

पाचन, फेफड़ों और किडनी को कैसे पहुंचाता है लाभ?
इस आसन के नियमित अभ्यास से किडनी पर जोर पड़ता है, जिससे किडनी में मौजूद विषाक्त पदार्थ निकलने लगते हैं और इसकी कार्यक्षमता में सुधार होता है. यह छाती, कंधों और पेट की मांसपेशियों को फैलाता है, जिससे शरीर में खिंचाव आता है और ताकत बढ़ती है. इसे करने से श्वसन तंत्र मजबूत होता है. इसके अलावा यह मानसिक तनाव और थकान को दूर करने में भी सहायक होता है. नियमित अभ्यास से मन शांत रहता है और शरीर में फुर्ती बनी रहती है.
भुजंगासन करने का सही तरीका
- भुजंगासन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल सीधा लेट जाएं और पैरों के बीच थोड़ी दूरी रखें.
- अब अपने दोनों हाथों को धीरे-धीरे छाती के पास लाएं और हथेलियों को जमीन पर टिका दें.
- इसके बाद गहरी सांस लेते हुए अपनी नाभि के हिस्से को ऊपर उठाएं और सिर को पीछे की ओर ले जाते हुए ऊपर छत या आसमान की तरफ देखें. इस स्थिति में आपकी पीठ धीरे-धीरे ऊपर की (एक्सटेंशन पोजीशन में) ओर मुड़ेगी.
- इस मुद्रा में कुछ देर तक बने रहें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें.
- फिर धीरे-धीरे वापस पहले वाली स्थिति में आ जाएं और कुछ समय के लिए शरीर को ढीला छोड़ दें.
FAQs
क्या भुजंगासन कमर दर्द के लिए फायदेमंद है?
हां, भुजंगासन पीठ और कमर की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. नियमित अभ्यास से कमर दर्द और जकड़न में राहत मिल सकती है.
भुजंगासन करने का सबसे अच्छा समय क्या है?
सुबह खाली पेट भुजंगासन करना सबसे अच्छा माना जाता है. हालांकि शाम को भोजन के 4 से 5 घंटे बाद भी इसका अभ्यास किया जा सकता है.
क्या भुजंगासन से पाचन तंत्र मजबूत होता है?
जी हां, यह आसन पेट के अंगों को सक्रिय करता है, जिससे पाचन बेहतर होता है और गैस, अपच जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है.
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