गुरुग्राम में एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का खुलासा हुआ है. जो विदेश में बैठकर भारत के लोगों को ठग रहा था. पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए अवैध सिम बॉक्स, सेटअप को पकड़ा है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि ये गिरोह फिलीपींस से ऑपरेट हो रहा था, जबकि गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-3 इलाके में किराए के मकानों से इसका नेटवर्क चलाया जा रहा था.
विदेशे से भारतीय नंबर पर करते कॉल
दरअसल, आरोपी सिम बॉक्स नाम की एक खास मशीन का इस्तेमाल करते थे. इस मशीन में एक साथ कई सिम कार्ड लगाए जाते हैं और इसे इंटरनेट से जोड़ दिया जाता है. इसके जरिए विदेश से आने वाली कॉल को भारत के लोकल नंबर में बदल दिया जाता था. यानी जब किसी व्यक्ति के फोन पर कॉल आती थी तो उसको लगता था कि कॉल किसी भारतीय नंबर से है, लेकिन असल में वह कॉल विदेश से की जा रही होती थी.
ठग इसी का फायदा उठाकर खुद को बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर या सरकारी एजेंसी का कर्मचारी बताकर लोगों को कॉल करते थे और उनसे OTP, बैंक डिटेल या अन्य जरूरी जानकारी हासिल कर लेते थे. सबसे बड़ी बात ये है कि सिम बॉक्स की मदद से कॉल करने वाले की असली पहचान और लोकेशन छिप जाती थी, जिससे पुलिस के लिए इन तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था. फिलहाल पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है.
किराए के मकान में चल रहा था ठगी का खेल
दो मकान मालिकों ने शिकायत दी थी कि उनके द्वारा दिए गए डीएलएफ फेज-3 इलाके में किराए के मकान पर अनधिकृत तरीके से साइबर अपराध किया जा रहा है. शिकायत के आधार पर दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए. साइबर पुलिस स्टेशन वेस्ट की टीम जब मौके पर पहुंची तो दो अलग-अलग कमरों में 5 सिम बॉक्स और 504 सिम कार्ड बरामद हुआ.
यूपी के कासगंज से गिरफ्तार हुआ आरोपी
इसी संबंध यूपी के कासगंज में टीम की छापेमारी में राहुल नाम के आरोपी की गिरफ्तारी हुई है. पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नोएड़ा में टैक्सी चलाता है और उसके किसी अन्य साथी के जरिए फिलीपींस के किसी व्यक्ति के संपर्क में आया था. उसी के डायरेक्शन के अनुसार, गुरग्राम में सेटअप तैयार किया था.
नोएडा से गुरुग्राम सामान ले जाने के लिए मिले 15 हजार रुपये
नोएडा से गुरुग्राम सामान सेटअप करने के लिए आरोपी को 15 हजार रुपये में मिले थे. आरोपी ने यह भी बताया कि साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाला यह सेटअप फिलीपींस से नेपाल आता है और फिर नेपाल से बिहार, उसके बाद वहां से अलग-अलग लोकेशन पर भेजा जाता है. पुलिस मामले में की जांच में जुटी हुई है. शुरुआती जांच में अभी तक एक ही आरोपी का नाम सामने आया और जांच चल रही है, जैसे ही अन्य आरोपियों के नाम सामने आते हैं. तुरंत उनकी गिरफ्तारी की जाएगी.
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