Shimla News: हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में घूमने का प्लान बना रहे पर्यटकों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है. राज्य में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े कदम उठाए हैं. लाहौल-स्पीति जिला प्रशासन ने दुनिया की सबसे ऊंची और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अटल सुरंग (Atal Tunnel) के पास हिमस्खलन यानी एवलांच (Avalanche) की चेतावनी जारी की है.
अटल टनल के पास क्यों लगी पाबंदी?
लाहौल-स्पीति की उपायुक्त किरण भड़ाना ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक सख्त आदेश जारी किया है. दरअसल, अटल टनल के उत्तरी प्रवेश द्वार के बाईं ओर की पहाड़ियां और चंद्र पुल के आसपास का इलाका इस समय बेहद संवेदनशील हो गया है. यहां कभी भी पहाड़ों से बर्फ का सैलाब नीचे आ सकता है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पर्यटकों की सुरक्षा सबसे ऊपर है, इसलिए उत्तरी द्वार के पास पर्यटकों की आवाजाही और सभी व्यावसायिक गतिविधियों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है.
पर्यटकों की लापरवाही पड़ सकती है भारी
अधिकारियों ने गौर किया है कि इन खतरनाक ढलानों और संवेदनशील इलाकों में हाल के दिनों में पर्यटकों की भीड़ बढ़ रही थी. लोग फोटो खिंचवाने और मौज-मस्ती के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल रहे थे. जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि ऐसी अनधिकृत गतिविधियों से न केवल मानव जीवन को खतरा है, बल्कि किसी आपातकालीन स्थिति में राहत और बचाव कार्य (Emergency Operations) में भी बड़ी बाधा आ सकती है. इसलिए अब इन क्षेत्रों में आम जनता का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.

प्रशासन की चेतावनी के बावजूद बड़ी संख्या में सैलानी लाहौल-स्पीति मौसम के बदले मिजाज का दीदार करने पहुंचे.
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5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 60 KMPH की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
सिर्फ लाहौल ही नहीं, बल्कि राज्य की राजधानी शिमला का भी हाल बेहाल है. शुक्रवार को शिमला और उसके आसपास के इलाकों में जमकर ओले गिरे और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई. मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए डराने वाली चेतावनी दी है. चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की भी आशंका है.

राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर शुक्रवार को बारिश की फुहारों के बीच टहलते पर्यटक और स्थानीय निवासी.
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मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) इस समय पहाड़ों पर असर दिखा रहा है. इसकी वजह से 6 अप्रैल तक मनाली, कुफरी, नारकंडा और सोलांग घाटी जैसे मशहूर पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहेगा. इतना ही नहीं, 7 अप्रैल से एक और नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिससे 9 अप्रैल तक भारी बारिश के आसार हैं. ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर जैसे मैदानी जिलों में भी यलो अलर्ट जारी कर लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है.
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