- गुजरात के राजकोट जिले के पांजरिया गांव में तीन साल के मासूम अंश का मुंडन संस्कार हुआ था
- अंश के परिवार ने बच्चे को अकेला महसूस न हो इसलिए सभी सदस्यों ने भी अपने बाल मुंडवा लिए
- परिवार की इस भावुक पहल ने बच्चे को सहज और सुरक्षित महसूस कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
अक्सर कहा जाता है कि परिवार का प्यार हर मुश्किल को आसान बना देता है. गुजरात के राजकोट जिले से एक ऐसी ही दिल जीत लेने वाली खबर सामने आई है, जिसने परिवार के साथ की एक नई और भावुक मिसाल पेश की है. जिले पांजरिया गांव में रहने वाले 3 साल के मासूम अंश का मुंडन संस्कार होना था. आमतौर पर देखा जाता है कि छोटे बच्चे मुंडन के दौरान अपने बाल कटते देख घबरा जाते हैं या फिर सिर मुंडवाने के बाद खुद को आईने में देखकर असहज महसूस करने लगते हैं. कई बार बच्चे खुद को दूसरों से अलग समझकर उदास हो जाते हैं.
परिवार की अनोखी और भावुक पहल
अंश के परिवार ने तय किया कि वे अपने लाडले को इस रस्म में अकेला नहीं छोड़ेंगे. परिवार नहीं चाहता था कि अंश खुद को अलग-थलग महसूस करे. इसी को ध्यान में रखते हुए घर के सदस्यों ने एक अनोखा फैसला लिया. बच्चे को सहज महसूस कराने और उसे यह बताने के लिए कि हम सब उसके साथ हैं, घर के अन्य सदस्यों ने भी अपने बाल मुंडवा लिए.
सोशल मीडिया पर जीत रहा है सबका दिल
जैसे ही इस भावुक पहल की तस्वीरें सामने आईं, यह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई. लोग इस परिवार की सोच की सराहना कर रहे हैं. यह घटना बताती है कि परिवार केवल साथ रहने का नाम नहीं, बल्कि एक-दूसरे की भावनाओं को समझने और उसमें भागीदार बनने का नाम है. परिवार के इस कदम से न केवल अंश को खुशी मिली, बल्कि उसे यह सीख भी मिली कि उसका परिवार हर कदम पर उसके साथ खड़ा है.
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