मंगलवार देर रात डलास स्टेडियम में स्पेन ने अपने टिकी टाका स्टाइल का जादू दिखाया, जिसके सामने फ्रांस का मजबूत अटैक भी नहीं टिक पाया. छोटे और सटीक पास के दम पर स्पेन ने शुरुआत से ही गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और फ्रांस को पोजेशन के लिए संघर्ष करते देखा गया. कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने अगर कुछ मौके बनाए भी तो डिफेंस ने उसे पूरी तरह रोक दिया. जबकि स्पेन का अटैक इतना जबरदस्त रहा कि उसके सामने फ्रांस का डिफेंस बिखर गया. स्पेन पूरी तरह से मुकाबले में हावी रहा और स्कोर लाइन ने भी वही दिखाया. स्पेन ने 2-0 से मुकाबला अपने नाम किया और 2010 के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाई.
टिकी टाका में फंसे एम्बाप्पे
एम्बाप्पे पहले हाफ में सिर्फ 14 बार बॉल को टच करने में सफल हुए. पूरे मुकाबले में सिर्फ़ तीन शॉट ही ले पाए और स्पेनिश गोलकीपर उनाई साइमन को कोई खास चुनौती नहीं दे पाए. मैच खत्म होने तक एम्बाप्पे ने 34 बार बॉल को छुआ. उन्होंने मैच के दौरान छह बार ड्रिबल करने की कोशिश की, लेकिन सिर्फ़ एक बार ही सफल हो पाए.
इसके अलावा, उन्होंने 14 बार बॉल से पोजेशन गंवाया. फ्रांस के कप्तान से ज़्यादा बार बॉल पर अपना पोजेशन गंवाने वाले खिलाड़ी सिर्फ़ डेम्बेले, लामिन यमाल (दोनों 17-17 बार) और माइकल ओलिस (20 बार) थे.
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— winwin (@winwinallsports) July 14, 2026
सेमीफाइनल से पहले फ्रांस दूसरी सबसे ज़्यादा गोल करने वाली टीम थी, जिसने 16 गोल किए थे - अर्जेंटीना से सिर्फ़ एक गोल पीछे. हैरानी की बात है कि 'लेस ब्लूज़' (फ्रांस टीम) का xG (एक्सपेक्टेड गोल्स) सिर्फ़ 0.3 रहा, जिसमें से दो-तिहाई हिस्सा एम्बाप्पे का था. हालांकि एम्बाप्पे स्पेन के खिलाफ़ गोल करने में नाकाम रहे, फिर भी वे फ्रांस के लिए एकमात्र असली खतरा लग रहे थे.
स्पेन दूसरी बार फाइनल में
स्पेन के मजबूत डिफेंस और आत्मविश्वास से भरे प्रदर्शन के आगे किलियन एम्बाप्पे की अगुआई वाली फ्रांस की स्टार अटैकिंग पंक्ति पूरी तरह बेअसर साबित हुई और 2010 की विश्व चैंपियन स्पेन ने एक बार फिर फीफा विश्व कप के फाइनल में जगह बना ली.
स्पेन ने मंगलवार को खेले गए सेमीफाइनल में मिकेल ओयारजाबाल और पेड्रो पोरो के गोल के दम पर फ्रांस को 2-0 से शिकस्त दी. इसके साथ ही स्पेन ने मौजूदा टूर्नामेंट के सात मैचों में छठी बार विपक्षी टीम को गोल करने से रोकते हुए अपनी शानदार रक्षात्मक क्षमता का एक और नमूना पेश किया.
स्पेन के मुख्य कोच लुइस दे ला फुएंते ने कहा,"मेरे खिलाड़ियों ने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम का सामना किया और शानदार प्रदर्शन किया."
स्पेन अब रविवार को होने वाले फाइनल में गत चैंपियन अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच बुधवार को खेले जाने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से भिड़ेगा. फाइनल न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड में खेला जाएगा.
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