कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के कारण दुनिया भर में जारी लॉकडाउन से पेशेवर फुटबालरों में तनाव और अवसाद की घटनाएं बढ़ रही हैं. और इसके पीछे कारण यह है कि लंबे समय से मैदान से दूर हैं. वैश्विक खिलाड़ियों के संघ फीफप्रो ने सोमवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी. इसने इंग्लैंड, फ्रांस, स्कॉटलैंड, ऑस्ट्रेलिया और अमरीका जैसे 16 देशों के 1602 फुटबॉलरों का सर्वे किया. इसमें 468 महिला खिलाड़ी शामिल थीं.
Football says thank you to healthcare workers fighting against the coronavirus worldwide pic.twitter.com/nXsWrUTJiL
— ESPN FC (@ESPNFC) April 20, 2020
इसमें पाया गया कि पुरुषों में 13 प्रतिशत और महिलाओं में 22 प्रतिशत महिला खिलाड़ियों ने अवसाद के लक्षणों का खुलासा किया. पांच में से एक महिला और पुरुष खिलाड़ी में चिंता के लक्षण पाये गए.
फ्रांस के पूर्व खिलाड़ी और फीफप्रो के मुख्य चिकित्सा अधिकारी विंसेंट जी ने कहा, ‘‘फुटबाल में काफी युवा महिला और पुरूष खिलाड़ी सामाजिक एकाकीकरण से जूझ रहे हैं चूंकि उनका काम बंद पड़ा है और भविष्य भी अनिश्चित है.'' कोरोना महामारी के कारण दुनिया भर में खेल बंद हैं. लगभग सभी देशों में फुटबॉलर अपने घरों में बंद है.
इस विदेशी सर्वे के बाद अब यह एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि फिलहाल भारत में खेलने वाले लाखों की संख्या में क्रिकेटर और बाकी दूसरे खिलाड़ियों की मनोदशा फिलहाल कैसी है. निश्चित ही, इस सर्वे को उनके लिए एक अच्छा संकेत तो बिल्कुल भी नहीं कहा जा सकता.
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निश्चित ही तस्वीर तब पूरी तरह सामने आएगी, तब कोई कंपनी भारतीय खिलाड़ियों की मनोदशा का सर्वे करेगी. और इसके लिए इंतजार करना होगा.