FIFA World Cup 2026 Semifinal France vs Spain: फ्रांस के हेड कोच डिडियर डेसचैम्प्स को उम्मीद है कि जब उनकी टीम FIFA वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में स्पेन का सामना करेगी, तो बॉल पर कब्ज़े के लिए कड़ी टक्कर होगी. उन्होंने कहा कि दोनों टीमें अलग-अलग तरीकों से खेल पर कंट्रोल करने में सक्षम हैं. इस बड़े मुकाबले से पहले पत्रकारों से बात करते हुए, डेसचैम्प्स ने माना कि स्पेन बॉल पर दबदबा बनाने में माहिर है, लेकिन उन्हें भरोसा है कि फ्रांस मैच के हालात के हिसाब से अपनी रणनीति बदल सकता है. रॉयटर्स के अनुसार, डेसचैम्प्स ने कहा, "स्पेन बहुत ज़्यादा दबाव बना सकता है, लेकिन हम भी ऐसी टीम हैं जिसे बॉल की ज़रूरत होती है. कंट्रोल के लिए मुकाबला होगा."
फ्रांस के कोच ने स्पेन की टेक्निकल क्वालिटी पर ज़ोर दिया और साथ ही अपनी टीम की काउंटर-अटैक करने, बॉल पर कब्ज़ा बनाए रखने और असरदार ढंग से डिफ़ेंस करने की काबिलियत का भी ज़िक्र किया.
रॉयटर्स के अनुसार, उन्होंने आगे कहा, "स्पेन के पास बॉल के साथ खेलने की बेहतरीन क्वालिटी है. हमारे पास भी तेज़ी से काउंटर-अटैक करने, बॉल पर कब्ज़ा बनाए रखने और अच्छा डिफ़ेंस करने की क्वालिटी है. खेल का रुख ही सब कुछ तय करेगा. मैं अभी पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि मैच कैसे आगे बढ़ेगा."
डेसचैम्प्स ने कहा कि 26 साल के चौमेनी अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं, लेकिन उन्हें टीम में शामिल किया जा सकता है. उन्हें मोरक्को के खिलाफ पिछले मैच में एहतियात के तौर पर बाहर रखा गया था क्योंकि रियल मैड्रिड के इस मिडफील्डर को हैमस्ट्रिंग की समस्या हो गई थी.
उन्होंने कहा, "पिछले मैच में रिस्क बहुत ज़्यादा था. आज वह बेहतर हैं, हालांकि हम यह नहीं कह सकते कि वह 100% ठीक हो गए हैं. उनका पिछला मैच दो हफ़्ते पहले था, लेकिन यह कोई बड़ी रुकावट नहीं है. ज़रूरी बात यह है कि वह उपलब्ध हैं." रॉयटर्स के अनुसार, 'लेस ब्लूज़' (फ्रांस टीम) के कोच ने यह बात कही.
फ्रांस के कोच ने कहा कि हालात के हिसाब से ढलना उनकी टीम की निरंतरता के लिए अहम रहा है. डेसचैम्प्स ने समझाया, "जब आप कोच होते हैं, तो सबसे ज़रूरी शब्द होता है - हालात के हिसाब से ढलना (एडैप्टेशन). फुटबॉल कोई सटीक विज्ञान नहीं है, लेकिन तैयारी और प्लानिंग हमेशा अहम होती है, छोटी-छोटी बातों का भी ध्यान रखना ज़रूरी है."
बाकी बची चार टीमों में से फ्रांस का नॉकआउट-स्टेज का सफ़र सबसे शानदार और कंट्रोल वाला रहा है. ग्रुप I में टॉप पर रहने के बाद, उन्होंने नॉकआउट राउंड की शुरुआत 'राउंड ऑफ़ 32' में स्वीडन पर 3-0 की शानदार जीत के साथ की.
इसके बाद, 'राउंड ऑफ़ 16' में कड़े मुकाबले में उन्होंने पैराग्वे को 1-0 से हराया और फिर क्वार्टर-फ़ाइनल में मोरक्को को 2-0 से हराकर 'लास्ट फ़ोर' (सेमी-फ़ाइनल) में अपनी जगह पक्की की. फ़्रांस ने नॉकआउट स्टेज में छह गोल किए हैं और एक भी गोल नहीं खाया है, जो दबाव में उनके मज़बूत डिफेंस और कंट्रोल को दिखाता है. कड़े मुकाबलों में भी उनका खेल का ढांचा मज़बूत बना रहा है, जबकि फ़्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने सबसे अहम मौकों पर अटैक में शानदार खेल दिखाया है.
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