Argentina vs England FIFA World Cup 2026 Semifinal: FIFA विश्व कप 2026 अब उस पड़ाव पर पहुंच चुका है, जहां हर मैच इतिहास लिख सकता है. सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली चारों टीमें अर्जेंटीना, इंग्लैंड, फ्रांस और स्पेन पहले भी विश्व चैंपियन रह चुकी हैं. यही वजह है कि इस बार खिताब की दौड़ में कोई कमजोर दावेदार नहीं बचा है. दिलचस्प बात यह है कि 1990 के बाद पहली बार विश्व कप के अंतिम चार में सिर्फ पूर्व चैंपियन टीमें पहुंची हैं. तब भी अर्जेंटीना और इंग्लैंड सेमीफाइनल में थे, लेकिन आमना-सामना नहीं हुआ था. इस बार दोनों टीमें सीधे फाइनल के टिकट के लिए भिड़ेंगी.
अर्जेंटीना-इंग्लैंड - सिर्फ फुटबॉल नहीं, इतिहास भी होगा मैदान पर
अर्जेंटीना और इंग्लैंड का मुकाबला हमेशा सामान्य मैच से कहीं बड़ा माना जाता है. दोनों देशों के बीच दशकों पुरानी प्रतिद्वंद्विता हर विश्व कप में नई कहानी लिखती रही है. 1966 के क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना के कप्तान एंटोनियो रैटीन को रेड कार्ड दिखाया गया था. उस मुकाबले के बाद इंग्लैंड के मैनेजर अल्फ रैमसे ने अपने खिलाड़ियों को अर्जेंटीना के खिलाड़ियों से जर्सी बदलने तक से रोक दिया था.
फिर आया 1986 का विश्व कप, जब डिएगो माराडोना के 'हैंड ऑफ गॉड' गोल और उसके बाद किए गए शानदार एकल गोल ने इंग्लैंड के खिलाफ अर्जेंटीना को यादगार जीत दिलाई. वही टूर्नामेंट अर्जेंटीना ने चैंपियन बनकर खत्म किया. 1998 में डेविड बेकहम के रेड कार्ड ने एक और विवाद को जन्म दिया, जबकि 2002 में बेकहम ने पेनल्टी पर गोल कर चार साल पुरानी टीस का जवाब दिया और इंग्लैंड को जीत दिलाई. अब एक बार फिर दोनों टीमें विश्व कप के सबसे बड़े मंच पर आमने-सामने हैं.
मेसी के सामने इतिहास बदलने का मौका
39 वर्षीय लियोनेल मेसी के लिए यह विश्व कप बेहद खास माना जा रहा है. अगर अर्जेंटीना खिताब जीतता है तो वह लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनेगा. ऐसा करने वाली वह 1962 के बाद पहली टीम होगी. व्यक्तिगत उपलब्धियों की बात करें तो मेसी के पास विश्व कप इतिहास में अपना नाम और ऊंचा करने का मौका भी है. वह पहले ही टूर्नामेंट के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हैं और एक और खिताब उनके करियर को नई ऊंचाई दे सकता है.
फ्रांस बनाम स्पेन - नई पीढ़ी की सबसे बड़ी टक्कर
दूसरे सेमीफाइनल में मौजूदा यूरोपीय चैंपियन स्पेन का सामना फ्रांस से होगा. दोनों टीमें हाल के वर्षों में कई बड़े मुकाबलों में भिड़ चुकी हैं. यूरोपीय चैम्पियनशिप में स्पेन ने फ्रांस को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी और बाद में ट्रॉफी भी जीती थी. अब फ्रांस के पास उस हार का हिसाब बराबर करने का मौका है. किलियन एम्बाप्पे की अगुआई में फ्रांस पूरे टूर्नामेंट में सबसे संतुलित टीमों में गिना जा रहा है. दूसरी ओर स्पेन ने मुश्किल परिस्थितियों से निकलते हुए लगातार बड़े मुकाबले जीते हैं. टीम के युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण उसे किसी भी चुनौती के लिए तैयार बनाता है.
गोल्डन बूट की जंग भी दिलचस्प
सेमीफाइनल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ भी रोमांचक हो गई है. लियोनेल मेसी और किलियन एम्बाप्पे आठ-आठ गोल के साथ सबसे आगे हैं. इंग्लैंड के जूड बेलिंघम और हैरी केन छह-छह गोल कर चुके हैं, जबकि फ्रांस के उस्मान डेम्बेले पांच गोल के साथ दौड़ में बने हुए हैं. स्पेन के मिकेल ओयारजाबाल भी चार गोल के साथ चुनौती पेश कर सकते हैं. यानी सेमीफाइनल सिर्फ टीमों की लड़ाई नहीं होगा, बल्कि व्यक्तिगत रिकॉर्ड और गोल्डन बूट की रेस भी इन मुकाबलों को और खास बनाएगी.
हर मुकाबले में दांव पर है विरासत
एक ओर मेसी अपने करियर का एक और सुनहरा अध्याय जोड़ना चाहते हैं. दूसरी तरफ एम्बाप्पे अपनी पीढ़ी के सबसे बड़े खिलाड़ी बनने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. इंग्लैंड 1966 के बाद पहली बार विश्व कप जीतने का सपना देख रहा है, जबकि स्पेन दूसरी बार दुनिया की चैंपियन बनने की कोशिश में है.
चार पूर्व विश्व चैंपियन, चार अलग-अलग कहानियां और सिर्फ एक ट्रॉफी. अब FIFA World Cup 2026 का हर पल तय करेगा कि फुटबॉल के इतिहास में अगला सुनहरा अध्याय किस टीम के नाम लिखा जाएगा.
(AP इनपुट के साथ)
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