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This Article is From Dec 12, 2025

मैग्नीशियम की कमी होने से हो सकती है कब्ज, कमजोरी और भूख में कमी, जानिए इसके लक्षण , कारण और क्या खाएं?

Magnesium: ज्यादातर लोग विटामिन डी, बी12 और आयरन पर ध्यान देते हैं, लेकिन मैग्नीशियम को इग्नोर कर देते हैं. आपको बता दें कि मैग्नीशियम भी शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है. ये शरीर में साइलेंट पावरहाउस की तरह काम करता है

मैग्नीशियम की कमी होने से हो सकती है कब्ज, कमजोरी और भूख में कमी, जानिए इसके लक्षण , कारण और क्या खाएं?
Magnesium Deficiency: मैग्नीशियम की कमी से क्या होता है.

Magnesium Ki Kami Ke Lakshan: मानव शरीर को चलाने के लिए कई विटामिन और मिनरल्स की आवश्यकता होती है. विटामिन और मिनरल्स की कमी शरीर को कमजोर और अंदर से खोखला बना सकता है. ज्यादातर लोग विटामिन डी, बी12 और आयरन पर ध्यान देते हैं, लेकिन मैग्नीशियम को इग्नोर कर देते हैं. आपको बता दें कि मैग्नीशियम भी शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है. ये शरीर में साइलेंट पावरहाउस की तरह काम करता है और हर कोशिका को सही ढंग से काम करने की ताकत देता है.

मैग्नीशियम क्या काम करता है?

आयुर्वेद में मैग्नीशियम को धातु बल और पाचन शक्ति बढ़ाने वाला तत्व कहा जाता है, जो पूरे शरीर को सुचारू तरीके से काम करने में मदद करता है. मैग्नीशियम शरीर की हर कोशिका में पाया जाता है और शरीर के हर एक काम में बेहद जरूरी भूमिका निभाता है. यह नसों और दिमाग के शांति तंत्र में पाया जाता है और दिमाग की कोशिकाओं को सपोर्ट करता है. इसके अलावा यह दिल की धड़कन को स्थिर रखता है, बीपी कंट्रोल करने में मदद करता है और मांसपेशियों और हड्डियों को ऊर्जा प्रदान करता है. शरीर की पूरी ऊर्जा का उत्पादन करने का श्रेय भी मैग्नीशियम को जाता है.

मैग्नीशियम की कमी के लक्षण

मैग्नीशियम की कमी शरीर को बेजान बना सकती है. इसकी कमी होने से थकान महसूस होती है, थोड़ा काम करने पर शरीर थका हुआ महसूस होता है, मांसपेशियों में खिंचाव रहता है, ऐंठन बनी रहती है, नींद आने में परेशानी होती है, दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है और बेचैनी पैदा करती है. इसकी वजह से बीपी बढ़ सकता है, पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, सिरदर्द और कब्ज की समस्या हो सकती है. महिलाओं को पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज) होने का खतरा भी बना रहता है.

मैग्नीशियम के कम होने का कारण

मैग्नीशियम की कमी होने के मुख्य कारणों में से एक है आपकी डाइट. आपके खाने में मैग्नीशियम युक्त फूड आइटम्स जैसे मेवे, सीड्स और हरी सब्जियों की कमी होना. इसके साथ ही खराब गट हेल्थ, शराब का ज्यादा सेवन और कुछ दवाओं का सेवन, डायबिटीज या किडनी से जुड़ी बीमारियों और ज्यादा पसीना आने की वजह से इसकी कमी हो सकती है. इन सभी वजहों से शरीर से मैग्नीशियम के निकलने या अवशोषित न हो पाने के कारण हो सकते हैं. 

क्या खाएं

मैग्नीशियम आसानी से आहार और सूखे मेवों में मिल जाता है. इसके लिए कद्दू के बीज, सफेद तिल, पालक, केला, राजमा, काजू, मूंगफली, बादाम और जई में मिल जाता है. रोजाना सूखे मेवों का सेवन करना चाहिए. मेवे का सेवन रातभर पानी में भिगोने के बाद ही करें, क्योंकि इससे सूखे मेवों में मौजूद टैनिन निकल जाता है और ये पाचन में आसान हो जाते हैं.

कितना होना चाहिए मैग्नीशियम

अब सवाल है कि कितना मैग्नीशियम रोजाना शरीर के लिए जरूरी होता है. पुरुषों के लिए रोजाना 400-420 एमजी, जबकि महिलाओं के लिए 300-320 एमजी मैग्नीशियम की जरूरत होती है. गर्भवती महिलाओं के लिए 360 एमजी तक आवश्यक है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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दीक्षा सिंह
Sub Editor
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