अगर आप या आपके घर में कोई डायबिटीज का मरीज है, तो आपके दिमाग में यह सवाल जरूर कभी न कभी आया होगा कि कौन सी रोटी खाने से ब्लड शुगर को कंट्रोल में रख सकते हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं. क्योंकि आज हम आपको ऐसी रोटी के बारे में बता रहे हैं जिससे डायबिटीज को मैनेज करने में मदद मिल सकती है.
क्यों बढ़ जाती है सादे आटे से दिक्कत?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आखिर सादा गेहूं का आटा शुगर के मरीजों के लिए क्यों थोड़ा भारी पड़ सकता है. दरअसल, गेहूं में कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा अच्छी खासी होती है. जब हम सादे गेहूं की रोटी खाते हैं, तो यह पचने के बाद खून में तेजी से ग्लूकोज का लेवल बढ़ा देती है. इसे मेडिकल भाषा में हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स कहा जाता है. इसलिए डॉक्टर शुगर के मरीजों को ऐसी चीजें खाने की सलाह देते हैं, जो पचने में धीमी हों और खून में शुगर को धीरे-धीरे छोड़ें.
आटे में मिलाएं बस यह एक चीज-
ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए आपको अपने गेहूं के आटे में चने का आटा या फिर जौ-चने का मिक्स आटा मिलाना चाहिए. जी हां, चना वह जादुई चीज है जो आपके शुगर लेवल को बिगड़ने नहीं देगी.
अगर आप 1 किलो गेहूं का आटा ले रहे हैं, तो उसमें लगभग 250 से 300 ग्राम भुने हुए चने का आटा मिला लें. अगर भुने हुए चने को पीसकर आटा बनाया जाए, तो यह सोने पर सुहागा है.

डायबिटीज में कौन सी रोटी खाएं.Photo Credit: NDTV
रोटी बनाते और खाते समय इन बातों का रखें ध्यान-
- जब आप गेहूं और चने का आटा मिलाएं, तो उसे कभी भी छलनी से छानें नहीं. छानने से आटे का सारा जरूरी फाइबर निकल जाता है, जो शुगर कंट्रोल करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है.
- कोशिश करें कि आपके आटे की चक्की थोड़ी मोटी पिसाई करें. मोटा आटा पेट के लिए बहुत अच्छा होता है.
- रोटी सेंकने के बाद अगर आप उसपर बहुत ज्यादा घी या मक्खन लगा लेंगे, तो कैलोरी बढ़ जाएगी. इसलिए हल्का सा घी लगाएं या बिना घी की रोटी खाएं.
कैसे बनाएं ये रोटी- (How To Make Healthy Roti)
सबसे पहले गेहूं और चने के आटे को मिलाकर उसमें स्वादानुसार नमक डालें. धीरे-धीरे पानी डालते हुए नरम आटा गूंध लें और 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें. इसके बाद आटे की लोई बनाकर हल्के सूखे आटे की मदद से गोल रोटी बेलें. गर्म तवे पर रोटी डालें और दोनों तरफ से अच्छे से सेंकें. चाहें तो रोटी पर थोड़ा घी लगाकर गर्मागर्म परोसें.
क्यों फायदेमंद है चने और गेहूं की रोटी?
- चने में मौजूद फाइबर खाने को बहुत धीरे-धीरे पकाता है. इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और अचानक से खून में शुगर का स्पाइक नहीं होता.
- फाइबर हमारे पाचन तंत्र को तो दुरुस्त रखता ही है, साथ ही यह शरीर से गंदगी बाहर निकालने में भी मदद करता है. शुगर के मरीजों के लिए फाइबर किसी वरदान से कम नहीं है.
- चने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है, जिसका मतलब है कि यह खाने के बाद ब्लड शुगर को तेजी से ऊपर नहीं जाने देता.
ये भी पढ़ें- रात में ऐसा क्या खाएं कि सुबह पेट साफ हो जाए?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं